NCERT Solutions for Class 10 Hindi Chapter 5: तोप (Top)
Welcome, students! This guide provides updated NCERT Solutions and Important Questions for Class 10 Hindi Sparsh Chapter 5, 'तोप' (Top). This small but powerful poem is crucial for your board exams, teaching us how even the mightiest symbols of power become insignificant over time. Let's master it together!
Chapter at a Glance
Chapter 5: तोप – Quick Reference
| Chapter Name | तोप (Top) |
| Subject | Hindi Course B – Sparsh (स्पर्श भाग 2) |
| Class / Board | Class 10 / CBSE |
| Target Year | 2026-27 |
| Key Topics | Symbolism of the cannon, Past vs. Present, The futility of war, The message of peace, Heritage and history. |
| Difficulty Level | Easy |
| Exam Weightage | 2–4 Marks |
Key Facts – Quick Details to Memorise
Learning Objectives
Understand the literal and symbolic meaning of the poem 'तोप'.
Analyze the contrast between the cannon's powerful past and its harmless present.
Explain the historical context of the 1857 revolt mentioned in the poem.
Appreciate the central message that peace and time are more powerful than any weapon of war.
Confidently answer all questions from CBSE Class 10 Hindi Course B – Sparsh (स्पर्श भाग 2) Chapter 5 in your exams.
Key Concepts & Definitions
Full NCERT Solutions (Updated for 2026-27)
विरासत में मिली चीज़ों का बहुत महत्व होता है क्योंकि ये हमें हमारे इतिहास, संस्कृति और पूर्वजों से जोड़ती हैं।
- इतिहास से जुड़ाव: ये वस्तुएँ हमें हमारे अतीत की घटनाओं, जीती-जागती सच्चाइयों और गलतियों से परिचित कराती हैं।
- प्रेरणा और सीख: इनसे प्रेरणा और सीख लेकर हम अपने वर्तमान को बेहतर बना सकते हैं और भविष्य के लिए सही मार्ग चुन सकते हैं।
- पहचान का हिस्सा: ये चीज़ें हमारी पहचान का एक महत्वपूर्ण हिस्सा होती हैं।
इस कविता से तोप के विषय में निम्नलिखित जानकारी मिलती है:
- यह तोप 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम में इस्तेमाल की गई थी।
- यह तोप कानपुर के कंपनी बाग के प्रवेश द्वार पर रखी गई है।
- यह तोप ईस्ट इंडिया कंपनी द्वारा इस्तेमाल की गई थी और इसने अनगिनत भारतीय शूरवीरों को शहीद किया था।
- आज यह तोप केवल एक दर्शनीय वस्तु बनकर रह गई है, जिस पर बच्चे खेलते हैं और चिड़ियाँ गपशप करती हैं।
कंपनी बाग में रखी तोप यह सीख देती है कि समय बहुत बलवान होता है और कोई भी वस्तु या व्यक्ति चाहे कितना भी शक्तिशाली क्यों न हो, एक दिन उसका अंत निश्चित है। जो तोप कभी अत्याचारी शक्ति का प्रतीक थी, आज वह एक खिलौने जैसी वस्तु बन गई है। यह हमें यह भी सिखाती है कि शांति और प्रेम की शक्ति किसी भी हथियार की ताकत से बड़ी होती है।
कविता में तोप को साल में दो बार—15 अगस्त (स्वतंत्रता दिवस) और 26 जनवरी (गणतंत्र दिवस) पर चमकाने की बात की गई है। ऐसा इसलिए किया जाता है ताकि यह हमें एक विरासत के रूप में हमारे इतिहास की याद दिलाए। यह हमें उन शहीदों का स्मरण कराती है जिन्होंने देश की आज़ादी के लिए अपने प्राणों की आहुति दी और यह भी याद दिलाती है कि भविष्य में कोई हम पर इस तरह का अत्याचार न कर सके।
तोप अब एक शक्तिहीन और शांत वस्तु बन चुकी है। उसकी मारक शक्ति समाप्त हो चुकी है। इसलिए, छोटी-छोटी चिड़ियाँ (गौरैया) बिना किसी डर के उसके मुँह के अंदर घुस जाती हैं और खेलती हैं। यह दृश्य बताता है कि अब तोप किसी को कोई हानि नहीं पहुँचा सकती।
तोप को विरासत के रूप में इसलिए सहेजा जाता है ताकि यह आने वाली पीढ़ियों को इतिहास से सबक सिखा सके। यह हमें याद दिलाती है कि हमारे पूर्वजों ने देश की आज़ादी के लिए कितना संघर्ष किया और कैसे विदेशी ताकतों ने हम पर अत्याचार किया। यह हमें अपनी आज़ादी के मूल्य को समझने और उसकी रक्षा करने की प्रेरणा देती है।
'तोप' कविता का मूल भाव यह है कि समय के साथ बड़ी-से-बड़ी अत्याचारी शक्ति भी समाप्त हो जाती है। जो चीज़ें अतीत में भय और विनाश का प्रतीक थीं, वे वर्तमान में महत्वहीन हो जाती हैं। कविता यह संदेश देती है कि शांति, प्रेम और जीवन की सहजता किसी भी हिंसक शक्ति से कहीं अधिक शक्तिशाली है।
तोप के माध्यम से, कवि वीरेन डंगवाल यह संदेश देना चाहते हैं कि सैन्य शक्ति और हथियारों पर घमंड करना व्यर्थ है। समय का चक्र हर शक्तिशाली चीज़ को एक दिन शक्तिहीन बना देता है। जो तोप 1857 में विनाश का प्रतीक थी, आज वह केवल एक सजावटी वस्तु है। कवि यह कहना चाहते हैं कि मानव जीवन, प्रेम और शांति का महत्व किसी भी युद्ध या हथियार से कहीं ज़्यादा है। हमें इतिहास से सीखकर भविष्य में शांति और सद्भाव के मार्ग पर चलना चाहिए।
भाव: इन पंक्तियों का भाव यह है कि जिस तोप से कभी बड़े-बड़े शूरवीर काँपते थे, आज उसकी स्थिति बहुत दयनीय और हास्यास्पद हो गई है। वह अब केवल बच्चों के खेलने की वस्तु बन गई है। जब बच्चे उस पर घुड़सवारी करके चले जाते हैं, तो चिड़ियाँ उस पर बैठकर आपस में चहचहाने लगती हैं, मानो वे गपशप कर रही हों। इसका अर्थ है कि तोप ने अपना सारा भय और महत्व खो दिया है।
भाव: इन पंक्तियों का भाव बहुत गहरा है। चिड़ियों का तोप पर बैठकर चहचहाना इस बात का प्रतीक है कि प्रकृति और समय के सामने बड़ी-से-बड़ी हिंसक और विनाशकारी शक्ति भी एक दिन शांत हो जाती है। यह पंक्ति हमें यह सिखाती है कि कोई भी अत्याचारी सत्ता हमेशा के लिए नहीं रहती। समय हर चीज़ को बदल देता है और अंततः शांति की ही विजय होती है।
भाव: यह पंक्ति तोप के शक्तिशाली अतीत को दर्शाती है। यहाँ तोप अपनी पुरानी ताकत को याद करते हुए कहती है कि एक समय था जब उसने 1857 के संग्राम में बड़े-बड़े और वीर योद्धाओं को भी पल भर में मार गिराया था। 'सूरमाओं के धज्जे उड़ाना' का अर्थ है बड़े-बड़े वीरों को भी आसानी से परास्त कर देना। यह पंक्ति तोप के आतंक और उसकी विनाशक क्षमता को व्यक्त करती है।
Extra Important Questions (Board Style 2026-27)
इस पंक्ति का आशय है कि यह कोई साधारण तोप नहीं है, बल्कि इसका एक ऐतिहासिक महत्व है। यह तोप भारत के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम (1857) की गवाह है, जब इसका उपयोग अंग्रेजों ने भारतीय स्वतंत्रता सेनानियों के दमन के लिए किया था।
वर्तमान में तोप बच्चों के लिए एक खिलौना और चिड़ियों के लिए आराम करने और खेलने की जगह बन गई है। बच्चे इस पर घुड़सवारी करते हैं और चिड़ियाँ इसके भीतर और ऊपर बैठकर चहचहाती हैं। यह दर्शाता है कि तोप अब पूरी तरह शक्तिहीन हो चुकी है।
कविता 'तोप' में तोप के अतीत और वर्तमान के बीच एक गहरा अंतर दर्शाया गया है:
- अतीत का स्वरूप: अतीत में, तोप अत्यंत शक्तिशाली, विनाशकारी और आतंक का प्रतीक थी। 1857 के संग्राम में इसने अनगिनत भारतीय वीरों की जान ली थी। इसकी गर्जना से बड़े-बड़े शूरवीर कांप उठते थे। यह ब्रिटिश हुकूमत की क्रूरता और दमनकारी शक्ति का जीवंत प्रमाण थी।
- वर्तमान का स्वरूप: वर्तमान में, तोप पूरी तरह शक्तिहीन और महत्वहीन हो चुकी है। अब वह कंपनी बाग के प्रवेश द्वार पर रखी एक सजावटी वस्तु मात्र है। बच्चे उस पर खेलते हैं, चिड़ियाँ उस पर बैठती हैं। उसका भय और आतंक समाप्त हो चुका है। साल में दो बार राष्ट्रीय पर्वों पर उसे चमकाकर केवल उसकी ऐतिहासिकता को याद किया जाता है। यह परिवर्तन दर्शाता है कि समय सबसे बलवान है।
इस पंक्ति के माध्यम से कवि एक सार्वभौमिक सत्य को उजागर करना चाहता है। कवि का संदेश है कि कोई भी अत्याचारी या हिंसक शक्ति, चाहे वह कितनी भी बड़ी और शक्तिशाली क्यों न हो, हमेशा के लिए नहीं रहती। समय का चक्र उसे एक न एक दिन शांत और शक्तिहीन कर ही देता है।
यहाँ 'तोप का मुँह बंद होना' केवल तोप के शांत होने का प्रतीक नहीं, बल्कि हर प्रकार के अत्याचार, दमन और क्रूरता के अंत का प्रतीक है। कवि हमें यह विश्वास दिलाना चाहता है कि अंततः जीत शांति, प्रेम और जीवन की होती है, न कि हिंसा और हथियारों की। यह पंक्ति हमें किसी भी मुश्किल परिस्थिति में उम्मीद न छोड़ने और शांति के मार्ग पर विश्वास रखने की प्रेरणा देती है।
ऐतिहासिक स्मारक जैसे कि कविता में वर्णित तोप, हमारे लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।
- महत्व: ये हमें हमारे गौरवशाली और संघर्षपूर्ण अतीत से जोड़ते हैं। ये हमें उन बलिदानों की याद दिलाते हैं जो हमारे पूर्वजों ने देश के लिए दिए। इनसे हमें इतिहास की गलतियों से सीखने और एक बेहतर भविष्य बनाने की प्रेरणा मिलती है। ये हमारी राष्ट्रीय पहचान और धरोहर का हिस्सा हैं।
- व्यवहार: हमें इन ऐतिहासिक वस्तुओं का सम्मान करना चाहिए। हमें उन्हें नुकसान नहीं पहुँचाना चाहिए और न ही उन पर कुछ लिखना चाहिए। हमें उनकी साफ-सफाई का ध्यान रखना चाहिए और दूसरों को भी उनके महत्व के बारे में जागरूक करना चाहिए। ये केवल दर्शनीय वस्तुएं नहीं, बल्कि हमारे इतिहास की जीवित शिक्षक हैं।
Common Mistakes to Avoid
Exam Preparation Tips for 2026-27
Frequently Asked Questions (FAQs)
मास्टर करें 'तोप' कविता 🌍
'तोप' एक छोटी लेकिन बहुत गहरी कविता है। यह हमें सिखाती है कि हमें अपनी शक्ति पर घमंड नहीं करना चाहिए और शांति के मार्ग को अपनाना चाहिए। हमें उम्मीद है कि इस लेख में दिए गए समाधान और टिप्स आपकी परीक्षा की तैयारी में बहुत मदद करेंगे।
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