CBSE 2026-27 | स्पर्श भाग 2

NCERT Solutions for Class 10 Hindi Sparsh Chapter 2: पद

📚 Class 10 CBSE 🌸 Hindi – Sparsh ⚡ 3–5 Marks 🔵 Easy to Medium

Welcome, students! This guide will help you master CBSE Class 10 Hindi Sparsh Chapter 2, "पद" by मीराबाई. We'll break down the beautiful verses of devotion, making them easy to understand. This chapter is crucial for scoring well in your board exams and appreciating the richness of Hindi poetry.

📋Chapter at a Glance

📚

Chapter 2: पद – Quick Reference

Chapter Nameपद (Pad)
Authorमीराबाई (Mirabai)
SubjectHindi Course B – Sparsh (स्पर्श भाग 2)
Class10
BoardCBSE
Important Topics- मीरा की भक्ति (Mira's Devotion)
- कृष्ण के रक्षक रूप का वर्णन (Description of Krishna as a protector)
- मीरा की चाकरी की इच्छा (Mira's desire for service)
- कृष्ण के सौंदर्य का वर्णन (Description of Krishna's beauty)
Difficulty LevelEasy to Medium
Exam Weightage3–5 Marks

🎯Learning Objectives

1

Understand the deep meaning (भावार्थ) of both pads written by Mirabai.

2

Explain Mirabai's unwavering devotion (भक्ति-भावना) towards Lord Krishna.

3

Describe the examples Mira gives to show Krishna as the protector of his devotees.

4

Analyze Mira's desire to become a servant (दासी) of Krishna and its purpose.

5

Confidently answer all NCERT Solutions and Important Questions in your exams.

💡Key Concepts & Definitions

पद (Pad)
A lyrical composition or verse, typically set to music and expressing devotional or emotional themes. In this chapter, we study two pads by Mirabai.
भक्ति (Bhakti)
Intense devotion and love towards a deity. Mirabai's poetry is a prime example of *Bhakti* literature.
भीर (Bheer)
A Braj Bhasha word meaning 'पीड़ा' or 'दुःख' (pain, suffering, or trouble).
चाकरी (Chakari)
The act of serving; servitude. Mira wishes to do 'chakari' for Krishna to always be near him.
दरसण (Darsan)
A variation of the word 'दर्शन' (darshan), meaning to get a sight or glimpse of a revered person or deity.
ब्रजभाषा (Braj Bhasha)
The language used in these pads. It's a Western Hindi language dialect prevalent in the Braj region (Mathura, Vrindavan), famous for its devotional literature.

📝Full NCERT Solutions for Class 10 Hindi Sparsh Chapter 2 - पद

📌 निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिए-
✅ Model Answer

पहले पद में, मीराबाई ने हरि (श्री कृष्ण) से अपनी पीड़ा हरने की विनती करते हुए उन्हें उनके भक्त-रक्षक रूप का स्मरण कराया है। वह कई उदाहरण देती हैं:

  1. द्रौपदी का उदाहरण: जिस प्रकार आपने (श्री कृष्ण ने) द्रौपदी का चीर बढ़ाकर भरी सभा में उसकी लाज बचाई थी।
  2. प्रह्लाद का उदाहरण: जिस प्रकार आपने भक्त प्रह्लाद को बचाने के लिए नरसिंह का रूप धारण किया और हिरण्यकशिपु का वध किया।
  3. गजराज (हाथी) का उदाहरण: जिस प्रकार आपने डूबते हुए हाथी (गजराज) को मगरमच्छ से बचाया और उसके कष्ट को दूर किया।

इन उदाहरणों को देकर मीरा कहती हैं कि हे प्रभु! जिस तरह आपने इन सब भक्तों के दुःख हरे, उसी प्रकार मेरी भी पीड़ा हरो और मुझे कष्टों से मुक्ति दो।

✅ Model Answer

दूसरे पद में मीराबाई श्याम की चाकरी (सेवा) इसलिए करना चाहती हैं क्योंकि इससे उन्हें तीन बड़े लाभ मिलेंगे। वह मानती हैं कि चाकरी के बहाने उन्हें हमेशा अपने प्रभु के समीप रहने का अवसर मिलेगा।

मीरा के अनुसार, चाकरी करने से:

  1. नित उठ दरसण पास्यूँ: उन्हें रोज़ सुबह उठते ही श्री कृष्ण के दर्शन प्राप्त होंगे।
  2. भाव भगती जागीरी पास्यूँ: कृष्ण की भक्ति-भावना रूपी जागीर (संपत्ति) प्राप्त होगी, जो कभी खत्म नहीं होगी।
  3. खरची में नाम सुमरण: उन्हें श्री कृष्ण का नाम स्मरण करने रूपी खर्च मिलेगा।

इस प्रकार, सेवा के बहाने मीरा को दर्शन, भक्ति और स्मरण, तीनों का सौभाग्य प्राप्त हो जाएगा, जो उनके जीवन का परम लक्ष्य है।

✅ Model Answer

मीराबाई ने दूसरे पद में श्री कृष्ण के मनमोहक रूप-सौंदर्य का बहुत ही सुंदर वर्णन किया है। वह कहती हैं:

  • पीताम्बरधारी: उनके प्रभु श्री कृष्ण पीले वस्त्र (पीताम्बर) धारण करते हैं, जो उनके सांवले शरीर पर बहुत सुशोभित होते हैं।
  • मोर मुकुट: उनके सिर पर मोरों के पंखों से बना सुंदर मुकुट विराजमान है।
  • गले में वैजयंती माला: उनके गले में वैजयंती फूलों की माला है, जो उनकी सुंदरता को और बढ़ा देती है।

मीरा बताती हैं कि उनका प्रिय कृष्ण वृन्दावन की गलियों में गायें चराता है और मन को मोह लेने वाली मुरली बजाता है। कृष्ण का यह रूप मीरा के हृदय में बस गया है।

✅ Model Answer

मीराबाई की भाषा-शैली अत्यंत सरल, सहज और भावपूर्ण है। उनकी भाषा की मुख्य विशेषताएँ इस प्रकार हैं:

  • भाषा: मीराबाई के पदों में ब्रजभाषा का प्रमुखता से प्रयोग हुआ है, लेकिन उस पर राजस्थानी, गुजराती और पंजाबी भाषा का भी प्रभाव स्पष्ट दिखाई देता है। इसे 'मिश्रित ब्रजभाषा' कहा जा सकता है।
  • भावपूर्णता: उनकी भाषा सीधे हृदय से निकली हुई लगती है। उसमें भक्ति, प्रेम, विरह और समर्पण के भाव कूट-कूट कर भरे हैं।
  • गीतात्मकता और संगीतात्मकता: उनके पद गेय हैं, यानी उन्हें गाया जा सकता है। इसमें लय और संगीत का अद्भुत संगम है।
  • अलंकार: उन्होंने अनुप्रास, रूपक, और उदाहरण जैसे अलंकारों का सहज प्रयोग किया है, जिससे काव्य का सौंदर्य बढ़ गया है।

संक्षेप में, मीरा की भाषा-शैली उनके भावों को व्यक्त करने में पूरी तरह समर्थ है और पाठक या श्रोता को सीधे उनके भक्ति-रस में डुबो देती है।

✅ Model Answer

मीराबाई श्री कृष्ण को पाने के लिए और उनके समीप रहने के लिए कोई भी कार्य करने को तैयार हैं। वह उनकी दासी या सेविका बनना चाहती हैं। दूसरे पद के अनुसार, वह निम्नलिखित कार्य करने को तैयार हैं:

  1. बाग लगाना: वह श्री कृष्ण के घूमने के लिए बाग-बगीचे लगाना चाहती हैं ताकि इसी बहाने रोज़ उनके दर्शन कर सकें।
  2. ऊँचे महल बनवाना: वह वृन्दावन में ऊँचे-ऊँचे महल बनवाना चाहती हैं, जिनमें खिड़कियाँ हों, ताकि वह उन खिड़कियों से आसानी से अपने प्रभु कृष्ण को देख सकें।
  3. दासी बनना: वह कृष्ण की दासी बनकर उनकी हर आज्ञा का पालन करना चाहती हैं।
  4. लीलाओं का गान करना: वह वृन्दावन की कुंज-गलियों में घूम-घूमकर कृष्ण की लीलाओं का गुणगान करना चाहती हैं।
  5. साड़ी पहनना: वह कृष्ण के दर्शन के लिए कुसुम्बी रंग की साड़ी पहनने को तैयार हैं।

मीरा का एकमात्र उद्देश्य कृष्ण का सान्निध्य पाना है, और इसके लिए वह हर संभव प्रयास करने को तैयार हैं।

🚀Extra Board Exam Questions (2026)

📌 Multiple Choice Questions (MCQs)
Difficulty: Easy
Q1. पहले पद के अनुसार, मीराबाई हरि से क्या हरने की विनती करती हैं?
✅ Correct: (ग) जन की पीर
Difficulty: Easy
Q2. मीराबाई के अनुसार, श्री कृष्ण ने नरसिंह का रूप किसके लिए धारण किया था?
✅ Correct: (ख) प्रह्लाद
Difficulty: Medium
Q3. 'भाव भगती जागीरी' का क्या अर्थ है?
✅ Correct: (ख) भक्ति रूपी संपत्ति
Difficulty: Medium
Q4. मीराबाई आधी रात को कृष्ण से कहाँ मिलने की बात कहती हैं?
✅ Correct: (घ) यमुना के किनारे
Difficulty: Easy
Q5. मीराबाई किस रंग की साड़ी पहनकर कृष्ण के दर्शन करना चाहती हैं?
✅ Correct: (ग) कुसुम्बी
📌 Short Answer Questions
✅ Model Answer

इस पंक्ति का आशय है कि जिस प्रकार श्री कृष्ण ने डूबते हुए गजराज (ऐरावत हाथी) की पुकार सुनकर उसे मगरमच्छ के मुँह से बचाया और उसकी पीड़ा को दूर किया, उसी प्रकार हे प्रभु, आप मेरी भी पीड़ा को दूर करें। यह मीरा की कृष्ण के रक्षक रूप में आस्था को दर्शाता है।

✅ Model Answer

मीराबाई को चाकरी में तीन मुख्य चीजें मिलेंगी: रोज़ कृष्ण के दर्शन का अवसर, भक्ति रूपी जागीर, और नाम स्मरण रूपी जेब खर्च।

✅ Model Answer

मीरा का हृदय अपने आराध्य प्रभु श्री कृष्ण से मिलने के लिए अत्यंत अधीर या बेचैन है। वह कृष्ण के दर्शन की प्यासी हैं और उनकी विरह-वेदना सहन नहीं कर पा रही हैं, इसलिए उनका हृदय मिलने के लिए तड़प रहा है।

📌 Long Answer Questions
✅ Model Answer

यह कथन पूरी तरह सत्य है कि मीरा की भक्ति माधुर्य भाव की है, जिसमें भक्त अपने आराध्य को प्रेमी या पति के रूप में देखता है। 'पद' पाठ के आधार पर इसे इस प्रकार सिद्ध किया जा सकता है:

  • समीपता की चाह: दूसरे पद में मीरा कृष्ण की चाकरी सिर्फ इसलिए करना चाहती हैं ताकि वह उनके पास रह सकें, उनके दर्शन कर सकें। यह एक प्रेयसी की अपने प्रियतम के समीप रहने की इच्छा को दर्शाता है।
  • रूप-सौंदर्य पर मुग्ध होना: मीरा कृष्ण के 'मोर मुकुट पीताम्बर सोहे' वाले रूप पर मोहित हैं। वह उनके सौंदर्य का वर्णन एक भक्त की तरह नहीं, बल्कि एक प्रेमिका की तरह करती हैं जो अपने प्रिय के रूप पर आसक्त है।
  • मिलने की व्याकुलता: दूसरे पद के अंत में मीरा कहती हैं, "हिवड़ो घणो अधीरो", जिसका अर्थ है कि उनका हृदय कृष्ण से मिलने के लिए बहुत बेचैन है। यह विरह की तीव्र अनुभूति माधुर्य भाव का ही एक अंग है।

अतः, मीरा की भक्ति में दासता का भाव होते हुए भी, मूल रूप से माधुर्य भाव की प्रधानता है।

✅ Model Answer

पहले पद में मीरा ने तीन भक्तों का उल्लेख किया है:

  • द्रौपदी: महाभारत में जब दुःशासन भरी सभा में द्रौपदी का चीर-हरण कर रहा था, तब द्रौपदी ने श्री कृष्ण को पुकारा। कृष्ण ने अदृश्य रूप से उसकी साड़ी को इतना बढ़ा दिया कि दुःशासन उसे खींचते-खींचते थक गया पर साड़ी खत्म नहीं हुई। इस प्रकार कृष्ण ने द्रौपदी की लाज बचाई।
  • भक्त प्रह्लाद: प्रह्लाद, राक्षस राजा हिरण्यकशिपु का पुत्र था और भगवान विष्णु का परम भक्त था। जब हिरण्यकशिपु ने उसे मारने का हर संभव प्रयास किया और असफल रहा, तो अंत में कृष्ण (विष्णु) ने नरसिंह (आधा मनुष्य, आधा सिंह) का अवतार लेकर खंभे से निकलकर हिरण्यकशिपु का वध किया और प्रह्लाद की रक्षा की।
  • गजराज: पौराणिक कथा के अनुसार, गजराज (हाथियों का राजा) एक सरोवर में पानी पीने गया जहाँ एक शक्तिशाली मगरमच्छ ने उसका पैर पकड़ लिया। जब गजराज खुद को छुड़ा नहीं पाया तो उसने विष्णु जी का स्मरण किया। उसकी पुकार सुनकर भगवान विष्णु स्वयं आकर मगरमच्छ का वध करके गजराज को मुक्त कराते हैं।
✅ Model Answer
"स्याम म्हाने चाकर राखो जी,
गिरधारी लाला म्हाने चाकर राखोजी।
चाकर रहस्यूँ बाग लगास्यूँ नित उठ दरसण पास्यूँ।
बिन्दरावन री कुंज गली में, गोविन्द लीला गास्यूँ।"
  1. Q11. प्रस्तुत पद्यांश की कवयित्री और पाठ का नाम लिखिए।
    उत्तर: कवयित्री - मीराबाई, पाठ - पद।
  2. Q12. कवयित्री 'चाकर' क्यों बनना चाहती हैं?
    उत्तर: कवयित्री 'चाकर' इसलिए बनना चाहती हैं ताकि वे अपने आराध्य श्री कृष्ण के समीप रह सकें और रोज़ उनके दर्शन पा सकें।
  3. Q13. 'नित उठ दरसण पास्यूँ' का क्या लाभ है?
    उत्तर: इसका लाभ यह है कि सेविका बनकर मीरा को प्रतिदिन अपने प्रभु के दर्शन का सौभाग्य मिलेगा, जो उनके जीवन की सबसे बड़ी अभिलाषा है।
  4. Q14. मीरा वृन्दावन की गलियों में क्या करना चाहती हैं?
    उत्तर: मीरा वृन्दावन की कुंज गलियों में घूम-घूमकर अपने आराध्य गोविन्द (श्री कृष्ण) की लीलाओं का गुणगान करना चाहती हैं।
  5. Q15. इस पद्यांश की भाषा कौन-सी है?
    उत्तर: इस पद्यांश की भाषा मिश्रित ब्रजभाषा है, जिसमें राजस्थानी शब्दों का भी प्रयोग हुआ है।

Common Mistakes to Avoid

01
🔄
शाब्दिक अनुवाद
छात्र अक्सर पदों का शब्द-से-शब्द अनुवाद लिख देते हैं, जबकि आपको भावार्थ (deeper meaning) लिखने की ज़रूरत होती है।
02
🔍
उदाहरणों को न समझाना
पहले पद में द्रौपदी, प्रह्लाद और गजराज के उदाहरणों का सिर्फ नाम लिखने की बजाय, उनकी कहानी को संक्षेप में समझाना ज़रूरी है।
03
💬
'चाकरी' का गलत अर्थ
'चाकरी' का अर्थ केवल नौकर बनना नहीं है, बल्कि यह मीरा के समर्पण और कृष्ण के समीप रहने की युक्ति है। इस भाव को स्पष्ट करना ज़रूरी है।
04
🎨
भाषा-शैली
भाषा-शैली के प्रश्न में केवल 'ब्रजभाषा' लिखकर न छोड़ें। राजस्थानी, गुजराती के प्रभाव और गीतात्मकता (musicality) का भी उल्लेख करें।

📚Exam Preparation Tips for 2026-27

01
📈
Read Aloud
पदों को कम से कम 2-3 बार जोर-जोर से पढ़ें। इससे आपको लय और भाषा को समझने में मदद मिलेगी।
02
📋
Understand the 'Bhavarth'
रटने की कोशिश न करें। हर पंक्ति के पीछे छिपे भाव (emotion) और भक्ति को समझने पर ध्यान दें।
03
📍
Practice Writing
NCERT और दिए गए अतिरिक्त प्रश्नों के उत्तर लिखकर अभ्यास करें। इससे आपकी गति और लेखन शैली सुधरेगी।
04
📝
Focus on Keywords
उत्तर लिखते समय भक्ति, समर्पण, पीड़ा, चाकरी, दर्शन, रूप-सौंदर्य जैसे कीवर्ड्स का प्रयोग ज़रूर करें।

🅾Frequently Asked Questions (FAQs)

What is the main message of Mirabai's Pad in Class 10 Hindi?
The main message is unwavering devotion (bhakti) and complete surrender to God. Mira shows that if a devotee calls with a true heart, God will always come to their rescue and relieve their suffering.
Why did Mira want to be a 'Chakar' (servant) of Krishna?
Mira wanted to become a 'Chakar' not out of weakness, but as a clever way to always stay near Krishna. This service would grant her daily darshan (sight), the wealth of devotion, and the opportunity to always remember His name.
Can I get NCERT Solutions for Class 10 Hindi Sparsh Chapter 2 PDF?
While a direct PDF is not provided, this article contains all the updated NCERT solutions and important questions with detailed answers, which serves as a complete and comprehensive guide for your exam preparation.
Who was Mirabai?
Mirabai was a 16th-century Hindu mystic poet and a great devotee of Lord Krishna. She is a celebrated figure in the Bhakti movement. Her songs and pads express her deep love, longing, and devotion for Krishna.

Master मीरा के पद 🌸

Mirabai's 'Pad' are not just poems; they are a window into the soul of a true devotee. By understanding the भावार्थ, you not only prepare for your CBSE Class 10 Hindi Board Exam but also connect with a timeless piece of literature. Keep revising these Updated NCERT Solutions and practice the Important Questions. Regular practice and a clear understanding of the concepts are your keys to success. Good luck!

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