CBSE 2026-27 | स्पर्श भाग 2

NCERT Solutions for Class 10 Hindi Chapter 14: कारतूस

📚 Class 10 CBSE 🇮🇳 Hindi Course B – Sparsh ⚡ 3–5 Marks 🔵 Easy to Medium

Welcome, students! Gearing up for your Class 10 Hindi exams? This chapter, 'कारतूस', is a short but powerful play packed with action and patriotism. Our detailed guide provides Updated NCERT Solutions for Class 10 Hindi Sparsh Chapter 14, important questions for the 2026-27 board exam, and simple explanations to help you score full marks. Let's dive in!

📋चैप्टर का संक्षिप्त विवरण: कारतूस

📚

पाठ 14: कारतूस – एक नजर में

पाठ का नामपाठ 14 – कारतूस (Kartoos)
लेखकहबीब तनवीर (Habib Tanvir)
विषयHindi Course B – Sparsh (स्पर्श भाग 2)
कक्षाClass 10
बोर्डCBSE
महत्वपूर्ण विषयवज़ीर अली का चरित्र, देशभक्ति, अंग्रेजों की कूटनीति, एकांकी की नाट्य कला
Difficulty LevelEasy to Medium
Exam Weightage3–5 Marks

📊मुख्य पात्र और तथ्य

🧑
वज़ीर अली
नायक (जाँबाज़)
💁
सआदत अली
गद्दार (चाचा)
🎭
विधा
एकांकी
🏅
लेखक
हबीब तनवीर
🏖
स्थान
कर्नल का खेमा
💣
क्लाइमेक्स
कारतूस की माँग

🎯Learning Objectives

1

18वीं सदी के अंत में अवध में ब्रिटिश शासन के ऐतिहासिक संदर्भ को समझना।

2

एक बहादुर, निडर और देशभक्त नायक के रूप में वज़ीर अली के चरित्र का विश्लेषण करना।

3

ब्रिटिश कर्नल और सआदत अली के इरादों को समझाना।

4

इस एकांकी के नाटकीय तत्वों और चरमोत्कर्ष की सराहना करना।

5

CBSE Class 10 Hindi Course B – Sparsh (स्पर्श भाग 2) Chapter 14 के सभी प्रश्नों का आत्मविश्वास से उत्तर देना।

💡मुख्य अवधारणाएँ और पात्र

वज़ीर अली
नाटक का नायक। अवध का अपदस्थ नवाब, जो अपनी अविश्वसनीय बहादुरी और अंग्रेजों से नफरत के लिए जाना जाता है। वह एक सच्चा "जाँबाज़" है।
कर्नल कॉलिंज
एक ब्रिटिश अधिकारी जिसे वज़ीर अली को पकड़ने का काम सौंपा गया है। वह वज़ीर अली की पकड़ से बचने की क्षमता से निराश है लेकिन गुप्त रूप से उसके साहस की प्रशंसा करता है।
लेफ्टिनेंट
कर्नल का जूनियर अधिकारी। वह संदर्भ प्रदान करता है और ऐसे प्रश्न पूछता है जो कहानी को आगे बढ़ाते हैं।
सआदत अली
वज़ीर अली का चाचा। वह एक देशद्रोही है जिसने अवध का नवाब बनने के लिए अंग्रेजों का साथ दिया। उसे एक ऐश-परस्त व्यक्ति बताया गया है।
Traitor
कारतूस
अंग्रेजी शब्द 'cartridges' का हिंदी रूप। ये वही हैं जिनकी माँग वज़ीर अली नाटक के अंत में कर्नल से साहसपूर्वक करता है।
खेमा
एक तम्बू या शिविर। पूरा नाटक जंगल में कर्नल के तम्बू के अंदर सेट है।

📝Full NCERT Solutions for Class 10 Hindi Chapter 14 कारतूस

📌 मौखिक (Oral Questions)
✅ Model Answer

कर्नल कॉलिंज का खेमा जंगल में वज़ीर अली को पकड़ने के उद्देश्य से लगा हुआ था। वज़ीर अली अंग्रेजों का एक बड़ा दुश्मन था और कई हफ़्तों से उनकी पकड़ से बाहर था। वह इन्हीं जंगलों में कहीं छिपा हुआ था, इसलिए कर्नल और उसके सिपाही उसे पकड़ने के लिए जंगल में डेरा डाले हुए थे।

✅ Model Answer

सिपाही वज़ीर अली से इसलिए तंग आ चुके थे क्योंकि वह कई हफ़्तों से उन्हें धूल चटा रहा था और उनकी पकड़ में नहीं आ रहा था। वज़ीर अली बहुत बहादुर और चालाक था। वह मुट्ठी भर आदमियों के साथ जंगल में भटक रहा था, फिर भी किसी की हिम्मत नहीं थी कि उसका सामना कर सके। उसकी इस बहादुरी ने सिपाहियों को परेशान कर दिया था।

✅ Model Answer

कर्नल ने अपने फायदे के लिए सआदत अली को अवध के तख्त पर बिठाया। सआदत अली, वज़ीर अली का चाचा और अंग्रेजों का दोस्त था। उसे तख्त पर बिठाने के बदले में कंपनी को दस लाख रुपये और बहुत सारी जायदाद मिली। सआदत अली एक ऐश-परस्त आदमी था, इसलिए अंग्रेजों को पता था कि वह उनके नियंत्रण में रहेगा।

✅ Model Answer

सआदत अली एक ऐश-परस्त और स्वार्थी आदमी था। उसे अपने देश या अपनी प्रजा से कोई लगाव नहीं था। वह केवल अपनी सुख-सुविधाओं और सत्ता का भूखा था। उसने अवध का नवाब बनने के लिए अंग्रेजों से हाथ मिला लिया और अपनी आधी जायदाद उन्हें दे दी।

✅ Model Answer

वज़ीर अली ने वकील का कत्ल इसलिए किया क्योंकि वकील ने उसकी बेइज़्ज़ती की थी। जब वज़ीर अली को बनारस भेजा गया, तो उसने कंपनी के वकील से शिकायत की कि उसे कलकत्ता क्यों बुलाया जा रहा है। इस पर वकील ने वज़ीर अली की एक न सुनी और उसे बुरा-भला कहा। अपनी आत्म-सम्मान पर इस चोट को वज़ीर अली बर्दाश्त नहीं कर सका और उसने गुस्से में वकील का कत्ल कर दिया।

📌 लिखित (Written Questions)

(क) निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर (25-30 शब्दों में) लिखिए-

✅ Model Answer

वज़ीर अली के बहादुरी और हिम्मत से भरे कारनामे सुनकर कर्नल को रॉबिनहुड की याद आ जाती थी। जिस तरह रॉबिनहुड अमीरों को लूटकर गरीबों की मदद करता था और प्रशासन को चकमा देता था, उसी तरह वज़ीर अली भी अंग्रेजी हुकूमत की नाक में दम किए हुए था और उनकी पकड़ से बाहर था। उसकी निडरता और साहस रॉबिनहुड जैसे ही थे।

✅ Model Answer

सआदत अली को तख्त पर बिठाने के पीछे कर्नल का मुख्य मकसद अवध की दौलत पर कब्ज़ा करना और शासन पर नियंत्रण रखना था। सआदत अली अंग्रेजों का पिट्ठू था और उसने नवाब बनने के लिए उन्हें दस लाख रुपये और अपनी आधी संपत्ति दे दी थी। इससे कंपनी को बहुत फायदा हुआ और अवध पर उनका प्रभाव भी बढ़ गया।

✅ Model Answer

वकील का कत्ल करने के बाद वज़ीर अली ने अपनी हिफ़ाज़त के लिए तुरंत कार्रवाई की। वह अपने कुछ साथियों के साथ आजमगढ़ की तरफ भागा और वहाँ के नवाब की मदद से सुरक्षित घाघरा तक पहुँच गया। इसके बाद से वह इन्हीं जंगलों में भटक रहा था और अपनी शक्ति बढ़ाने का प्रयास कर रहा था।

✅ Model Answer

सवार के जाने के बाद कर्नल इसलिए हक्का-बक्का रह गया क्योंकि उसे पता चला कि वह सवार कोई और नहीं, बल्कि स्वयं वज़ीर अली था। जिस दुश्मन को पकड़ने के लिए वह जंगल में डेरा डाले बैठा था, वह खुद उसके खेमे में आया, उससे कारतूस ले गया और अपनी जान की परवाह किए बिना अपना नाम भी बता गया। वज़ीर अली की इस अविश्वसनीय हिम्मत को देखकर कर्नल हैरान और स्तब्ध रह गया।

(ख) निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर (50-60 शब्दों में) लिखिए-

✅ Model Answer

लेफ्टिनेंट को ऐसा इसलिए लगा क्योंकि कर्नल ने उसे बताया कि सिर्फ वज़ीर अली ही अकेला दुश्मन नहीं है। दक्षिण में टीपू सुल्तान, बंगाल के नवाब का भाई शम्सुद्दौला, और अफगानिस्तान का बादशाह शाहे-ज़मा भी अंग्रेजों के खिलाफ थे। शाहे-ज़मा को भारत पर हमला करने के लिए वज़ीर अली ने ही न्योता दिया था। इन सभी शासकों का एक साथ अंग्रेजों के विरुद्ध खड़ा होना इस बात का संकेत था कि पूरे हिंदुस्तान में कंपनी के खिलाफ एक विद्रोह की लहर दौड़ गई है।

✅ Model Answer

वज़ीर अली निसंदेह एक जाँबाज़ सिपाही था। इसके कई प्रमाण पाठ में मिलते हैं:

  • साहस: उसने केवल पाँच महीने की हुकूमत में ही अवध से अंग्रेजों का प्रभाव लगभग समाप्त कर दिया था।
  • आत्म-सम्मान: जब वकील ने उसकी बेइज़्ज़ती की, तो उसने अपनी जान की परवाह किए बिना उसे वहीं मार डाला।
  • निडरता: वह अकेले ही अंग्रेजों के कर्नल के खेमे में घुस गया, उससे बातें की, और उससे कारतूस भी ले आया।
  • चतुरता: वह हफ़्तों तक अंग्रेजों की पूरी फौज को जंगल में छकाता रहा।

ये सभी घटनाएँ साबित करती हैं कि वज़ीर अली एक सच्चा जाँबाज़ था।

✅ Model Answer

सवार (वज़ीर अली) ने बड़ी चतुराई और हिम्मत से कर्नल से कारतूस हासिल किए। वह अकेले ही कर्नल के खेमे में पहुँचा और कहा कि वह वज़ीर अली को पकड़ने में कर्नल की मदद करना चाहता है, जिसके लिए उसे कुछ कारतूस चाहिए। कर्नल उसकी बातों में आ गया और उसे वज़ीर अली को पकड़ने के लिए एक आम हिंदुस्तानी सिपाही समझकर कारतूस दे दिए। जब कर्नल ने उसका नाम पूछा, तो उसने निडरता से अपना नाम "वज़ीर अली" बताया और चला गया।

(ग) निम्नलिखित का आशय स्पष्ट कीजिए-

✅ Model Answer

आशय: इस पंक्ति का आशय है कि वज़ीर अली के पास बहुत कम सैनिक (मुट्ठी भर आदमी) थे, फिर भी उसके अंदर इतना साहस और बल (दमखम) था कि उसने अंग्रेजों की शक्तिशाली फौज को परेशान कर रखा था। यह पंक्ति वज़ीर अली की असाधारण वीरता और नेतृत्व क्षमता को दर्शाती है, जिसे देखकर कर्नल भी हैरान था।

✅ Model Answer

आशय: इस संवाद का आशय है कि आने वाले घोड़े की गति बहुत तेज़ थी। वह घोड़ा इतनी तेज़ी से दौड़ रहा था कि उसके टापों से उठने वाली धूल (गर्द) का गुबार देखकर ऐसा लग रहा था मानो कोई बड़ा काफिला आ रहा हो। लेकिन जब लेफ्टिनेंट ध्यान से देखता है, तो उसे पता चलता है कि यह धूल सिर्फ एक ही घुड़सवार के कारण है। यह पंक्ति वज़ीर अली के आने की नाटकीयता और उसकी असाधारण घुड़सवारी को दर्शाती है।

🚀Extra Board Exam Questions (2026-27)

❓ बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQs)
Difficulty: Easy
Q1. वज़ीर अली ने अफगानिस्तान के किस बादशाह को हिंदुस्तान पर हमला करने का न्योता दिया?
✅ Correct: (c) शाहे-ज़मा
Difficulty: Easy
Q2. सआदत अली और वज़ीर अली में क्या रिश्ता था?
✅ Correct: (c) चाचा-भतीजे का
Difficulty: Medium
Q3. 'कारतूस' पाठ साहित्य की कौन-सी विधा है?
✅ Correct: (b) एकांकी
Difficulty: Medium
Q4. कर्नल के अनुसार वज़ीर अली का लक्ष्य क्या था?
✅ Correct: (c) किसी भी तरह अंग्रेजों को हिंदुस्तान से बाहर निकालना
Difficulty: Easy
Q5. सवार ने कर्नल से कितने कारतूस माँगे थे?
✅ Correct: (b) दस
📌 लघु उत्तरीय प्रश्न (Short Answer Questions)
✅ Model Answer

वज़ीर अली को उसके पद से इसलिए हटाया गया क्योंकि वह अंग्रेजों के प्रभाव को पसंद नहीं करता था और उसने अपनी हुकूमत के दौरान अवध से अंग्रेजी असर को खत्म करने की कोशिश की। यह बात कंपनी सरकार को पसंद नहीं आई, इसलिए उन्होंने वज़ीर अली के दुश्मन और चाचा सआदत अली के साथ मिलकर उसे पद से हटा दिया।

✅ Model Answer

कर्नल दुश्मन होते हुए भी वज़ीर अली से प्रभावित था क्योंकि वह उसकी बहादुरी, निडरता और चतुराई का कायल था। वज़ीर अली का अकेले ही खेमे में आकर कारतूस ले जाना और अपना नाम बताकर चले जाना जैसी घटनाएँ कर्नल को हैरान कर देती थीं और वह मन ही मन उसकी हिम्मत की प्रशंसा करता था।

✅ Model Answer

"एक जाँबाज़" शब्द कर्नल ने वज़ीर अली के लिए प्रयोग किया है। उसने ऐसा इसलिए कहा क्योंकि वज़ीर अली ने अकेले ही उसके खेमे में घुसकर, उसे धोखा देकर कारतूस हासिल किए और अपनी जान की बाज़ी लगाकर यह कारनामा कर दिखाया। इस असाधारण साहस को देखकर कर्नल के मुँह से अनायास ही यह शब्द निकल पड़े।

✅ Model Answer

पाठ के अंत में कर्नल इसलिए हक्का-बक्का रह गया क्योंकि जिस सवार को वह वज़ीर अली को पकड़ने में मदद करने वाला एक आम सिपाही समझ रहा था, वह स्वयं वज़ीर अली निकला। वज़ीर अली ने न केवल उसे धोखा दिया, बल्कि उसकी जान भी बख्श दी, जो कर्नल के लिए एक अविश्वसनीय और स्तब्ध कर देने वाली घटना थी।

✅ Model Answer

लेफ्टिनेंट कर्नल का एक अधीनस्थ और वफादार अधिकारी है। वह जिज्ञासु स्वभाव का है और कर्नल से सवाल पूछकर कहानी को आगे बढ़ाता है। वह वज़ीर अली के बारे में बहुत कम जानता है और कर्नल की बातों से प्रभावित होता है। वह एक सतर्क सिपाही है लेकिन कर्नल जितना अनुभवी नहीं है।

📌 दीर्घ उत्तरीय प्रश्न (Long Answer Questions)
✅ Model Answer

'कारतूस' शीर्षक इस एकांकी के लिए पूरी तरह से सार्थक और सटीक है। पूरी कहानी वज़ीर अली को पकड़ने की योजना के इर्द-गिर्द घूमती है, लेकिन कहानी का चरमोत्कर्ष (climax) कारतूसों पर ही आधारित है। वज़ीर अली, जो अंग्रेजों का सबसे बड़ा दुश्मन है, अपनी जान जोखिम में डालकर केवल 'दस कारतूस' लेने के लिए कर्नल के खेमे में आता है। यही कारतूस उसकी बहादुरी, चतुराई और निडरता का प्रतीक बन जाते हैं। यह घटना ही कर्नल को वज़ीर अली को "जाँबाज़" मानने पर मजबूर कर देती है। पूरी एकांकी की सबसे प्रभावशाली और नाटकीय घटना कारतूस मांगने और ले जाने की ही है। अतः यह शीर्षक कहानी के केंद्रीय भाव को सफलतापूर्वक व्यक्त करता है।

✅ Model Answer

वज़ीर अली 'कारतूस' एकांकी का नायक है और उसका चरित्र देशभक्ति और वीरता से ओत-प्रोत है। उसकी चारित्रिक विशेषताएँ निम्नलिखित हैं:

  • साहसी और वीर: वह एक बहादुर योद्धा है जो अंग्रेजों की विशाल सेना से डरता नहीं है।
  • स्वाभिमानी: जब बनारस में वकील उसकी बेइज़्ज़ती करता है तो वह इसे बर्दाश्त नहीं कर पाता और उसका कत्ल कर देता है।
  • चतुर और बुद्धिमान: वह बड़ी चतुराई से कर्नल के खेमे में घुसता है और उसे धोखा देकर कारतूस हासिल कर लेता है।
  • देशभक्त: उसका एकमात्र लक्ष्य अंग्रेजों को हिंदुस्तान से बाहर निकालना है। इसके लिए वह अफगानिस्तान के बादशाह से भी मदद माँगता है।
  • निडर: वह मौत के सामने भी नहीं डरता। कर्नल के सामने अपना असली नाम बताना उसकी निडरता का सबसे बड़ा प्रमाण है।

संक्षेप में, वज़ीर अली एक ऐसा नायक है जो अपनी मातृभूमि की आज़ादी के लिए किसी भी हद तक जा सकता है।

✅ Model Answer

यह संवाद सवार, यानी वज़ीर अली के आगमन के नाटकीय दृश्य को प्रस्तुत करता है। इस संवाद से उसकी मनःस्थिति और उद्देश्य का पता चलता है:

  • उद्देश्य की स्पष्टता: घोड़े को इतनी तेज़ दौड़ाना यह दिखाता है कि सवार के मन में अपने लक्ष्य को लेकर कोई संदेह नहीं है। वह जल्दी से जल्दी कर्नल के खेमे तक पहुँचना चाहता है। उसका उद्देश्य स्पष्ट है: कारतूस हासिल करना।
  • आत्मविश्वास और निडरता: अकेले होते हुए भी इतनी धूल उड़ाते हुए आना उसके आत्मविश्वास को दर्शाता है। उसे पकड़े जाने का डर नहीं है, बल्कि वह एक विजेता की तरह प्रवेश कर रहा है।
  • समय का महत्व: उसकी गति बताती है कि वह समय बर्बाद नहीं करना चाहता। उसे पता है कि उसका मिशन खतरनाक है और उसे जल्दी पूरा करके निकलना होगा।

यह दृश्य वज़ीर अली के चरित्र को स्थापित करता है - वह जो भी करता है, पूरे निश्चय और बहादुरी के साथ करता है।

Common Mistakes to Avoid

01
🔄
पात्रों में भ्रम
छात्र अक्सर वज़ीर अली (नायक) और सआदत अली (गद्दार) को मिला देते हैं। याद रखें, वज़ीर अली बहादुर है, और सआदत अली उसका चाचा है जिसने अंग्रेजों का साथ दिया।
02
🔍
चरमोत्कर्ष को गलत समझना
यह न समझाना कि कर्नल "हक्का-बक्का" क्यों रह गया। मुख्य बात सिर्फ यह नहीं है कि वज़ीर अली आया, बल्कि यह कि उसने दुश्मन से कारतूस लिए और निडर होकर अपनी पहचान बताई।
03
सामान्य उत्तर
केवल "वज़ीर अली बहादुर था" लिखना पर्याप्त नहीं है। आपको पाठ से उदाहरण देने होंगे, जैसे वकील को मारना, कर्नल को धोखा देना, या अफगान राजा को आमंत्रित करना।
04
💬
शीर्षक के महत्व को भूलना
अक्सर 'कारतूस' शीर्षक के बारे में एक प्रश्न पूछा जाता है। छात्र कारतूस को बहादुरी के केंद्रीय विषय और कहानी के चरमोत्कर्ष से जोड़ने में विफल रहते हैं।

📚Exam Preparation Tips for 2026-27

01
📈
नाटक को ज़ोर से पढ़ें
चूंकि यह एक एकांकी है, संवादों को ज़ोर से पढ़ें। इससे आपको याद रखने में मदद मिलेगी कि किसने क्या कहा और लहजे को समझने में मदद मिलेगी।
02
📋
चरित्र स्केच बनाएं
वज़ीर अली और कर्नल कॉलिंज के प्रमुख लक्षणों पर संक्षिप्त नोट्स बनाएं। यह दीर्घ-उत्तरीय प्रश्नों के लिए बहुत सहायक है।
03
📍
घटनाक्रम को समझें
घटनाओं का क्रम जानें: वज़ीर अली का पद से हटना -> बनारस जाना -> वकील की हत्या -> जंगल में भागना -> कर्नल का सामना करना।
04
📝
लिखने का अभ्यास करें
समय निर्धारित करें और 25-30 शब्दों और 50-60 शब्दों के उत्तर लिखने का अभ्यास करें। इससे आपकी गति और सटीकता में सुधार होगा।

🅾Frequently Asked Questions (FAQs)

Who was Wazir Ali in Chapter 'Kartoos'?
Wazir Ali was the brave and patriotic former Nawab of Awadh. In the chapter, he is portrayed as a fearless freedom fighter who single-handedly challenges the British forces to drive them out of India.
What is the main message of the chapter 'Kartoos'?
The main message of 'Kartoos' is that true patriotism requires immense courage and self-belief. It highlights that even a single, determined individual can challenge a mighty empire through bravery and wit.
Why did Wazir Ali need cartridges (कारतूस)?
Wazir Ali needed cartridges to continue his fight against the British. He was gathering forces and planning a larger attack to oust the British from India, and ammunition was essential for his soldiers.
How did Wazir Ali fool the British Colonel?
Wazir Ali disguised himself as a common Indian who wanted to help the British catch Wazir Ali. He boldly entered the Colonel's tent, gained his trust, and took ten cartridges from him under this false pretense before revealing his true identity.
Is the story of Wazir Ali in 'Kartoos' a true story?
Yes, the character of Wazir Ali is based on a real historical figure. Asaf-ud-Daula's son, Wazir Ali Khan, was the fourth Nawab of Awadh in 1798. His short reign and conflict with the British East India Company are historical facts, which Habib Tanvir has dramatized in this play.

पाठ 14, 'कारतूस' में महारत हासिल करें 🌍

'कारतूस' सिर्फ एक कहानी से कहीं बढ़कर है; यह भारत के शुरुआती स्वतंत्रता सेनानियों की भावना की एक झलक है। वज़ीर अली के चरित्र को समझने से न केवल आपको अच्छे अंक प्राप्त करने में मदद मिलेगी बल्कि आपमें गर्व की भावना भी भरेगी।

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