CBSE 2026-27 | Sparsh (स्पर्श भाग 2)

NCERT Solutions for Class 10 Hindi Sparsh Chapter 12: अब कहाँ दूसरे के दुख से दुखी होने वाले

📚 Class 10 CBSE 🌸 Hindi Course B – Sparsh ⚡ 4–6 Marks 🔴 Easy to Moderate

Welcome, students! This chapter, "अब कहाँ दूसरे के दुख से दुखी होने वाले," teaches us about empathy for all living beings—a valuable lesson for life and exams. Our detailed solutions and important questions will help you master this beautiful story by Nida Fazli and score full marks in your CBSE board exams.

📋Chapter at a Glance

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Chapter 12: अब कहाँ दूसरे के दुख से दुखी होने वाले – Quick Reference

Chapter Nameअब कहाँ दूसरे के दुख से दुखी होने वाले
Authorनिदा फ़ाज़ली (Nida Fazli)
SubjectHindi Course B – Sparsh (स्पर्श भाग 2)
Board / ClassCBSE Class 10
Target Year2026-27
Important TopicsThe decreasing empathy in humans, the harmony between nature and humans in the past, stories of Solomon and Nuh, the impact of urbanization, the author's personal experiences with his parents' compassion.
Difficulty LevelEasy to Moderate
Exam Weightage4–6 Marks

💡Key Concepts & Characters

मुख्य विचार
The core idea is that humanity has become selfish and lost the ability to feel the pain of others, including animals, birds, and nature itself.
सुलेमान (Solomon)
A great king known as the 'ruler of all creatures'. He could understand the language of animals and showed great respect for even the smallest creatures like ants.
नूह (Nuh/Noah)
A prophet who cried for a long time after being cursed by a dog he had shooed away, highlighting deep regret for hurting any living being.
लेखक की माँ
A deeply religious and compassionate woman who believed the entire world was one family. She would not eat if she accidentally hurt a pigeon.
Compassion
लेखक के पिता
A kind man who felt immense guilt after being bitten by an ant and went back to apologize to the ants at the well.
प्रकृति का संतुलन
The chapter emphasizes that the world belongs to everyone. Disturbing this balance leads to disasters like floods, earthquakes, and storms.

🎯Learning Objectives

1

Understand the central theme of empathy and compassion towards all living creatures.

2

Analyze the contrast between the past and the present in terms of human-nature relationships.

3

Explain the significance of the stories of Prophet Solomon and Prophet Nuh (Nooh).

4

Describe the impact of modern development and urbanization on nature and our emotions.

5

Write well-structured, value-based answers for your board exams.

📝Full NCERT Solutions – Sparsh Chapter 12

(क) निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर (25-30 शब्दों में) लिखिए-

✅ Model Answer

अरब में लशकर को 'नूह' के नाम से इसलिए याद करते हैं क्योंकि वे सारी उम्र रोते रहे। इसका कारण यह था कि उन्होंने एक बार एक घायल कुत्ते को दुत्कार दिया था। कुत्ते ने जवाब दिया कि न तो वह अपनी मर्ज़ी से कुत्ता है और न ही वे अपनी पसंद से इंसान हैं, बनाने वाला सबका एक ही है। यह बात उनके दिल में चुभ गई और वे पश्चाताप में सारी जिंदगी रोते रहे।

✅ Model Answer

लेखक की माँ सूरज ढलने के बाद यानी शाम के समय पेड़ों के पत्ते तोड़ने से मना करती थीं। उनका मानना था कि शाम के समय पेड़-पौधे भी सोते हैं। उन्हें तोड़ने से वे रोते हैं और ऐसा करने वाले को बद्दुआ (श्राप) देते हैं। यह उनकी प्रकृति के प्रति गहरी संवेदना और सम्मान को दर्शाता है।

✅ Model Answer

प्रकृति में आए असंतुलन का बहुत भयानक परिणाम हुआ है। मनुष्य के लालच और प्रकृति के अत्यधिक दोहन के कारण गर्मी में ज्यादा गर्मी, बेवक्त की बरसातें, भूकंप, सैलाब, तूफ़ान और रोज़ नई-नई बीमारियाँ पैदा हो रही हैं। प्रकृति का गुस्सा इन आपदाओं के रूप में प्रकट हो रहा है, जिससे जन-धन की भारी हानि हो रही है।

✅ Model Answer

लेखक की माँ के हाथों से एक कबूतर का अंडा टूटकर गिर गया था, जिससे वे बहुत दुखी हुईं। उन्हें लगा कि उनसे एक जीव की हत्या का पाप हो गया है। इसी पाप के प्रायश्चित के लिए और खुदा से माफ़ी माँगने के लिए उन्होंने पूरे दिन का रोज़ा (व्रत) रखा और प्रार्थना करती रहीं।

✅ Model Answer

लेखक ने ग्वालियर से बंबई तक बहुत बड़े बदलाव महसूस किए। ग्वालियर में उनका घर बड़ा और खुला-खुला था, जिसमें बड़ा आँगन और दालान था। लेकिन बंबई में उन्हें छोटे-छोटे डिब्बे जैसे घरों में रहना पड़ा। पहले जहाँ दूर-दूर तक जंगल, पेड़, और परिंदे थे, अब वहाँ समुद्र को पीछे धकेलकर बड़ी-बड़ी इमारतें बना दी गई हैं, जिससे पक्षियों के रहने की जगह भी छिन गई है।

✅ Model Answer

‘डेरा डालने’ का अर्थ है अस्थायी रूप से कहीं बस जाना या अपना ठिकाना बना लेना। पाठ के संदर्भ में, जब समुद्र के किनारे इंसानों ने बड़ी-बड़ी इमारतें बनाकर पक्षियों के घोंसले और पेड़ छीन लिए, तो दो कबूतरों ने लेखक के फ्लैट के एक मचान पर अपना अस्थायी घोंसला बना लिया। इसी को 'डेरा डालना' कहा गया है।

(ख) निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर (50-60 शब्दों में) लिखिए-

✅ Model Answer

लेखक के घर की खिड़की पर कबूतरों ने अपना घोंसला बना लिया था। वे दिन-भर आते-जाते रहते थे, जिससे उनके पंख, गंदगी और तिनके घर में गिरते थे। कबूतरों ने लेखक की किताबें और अन्य कीमती सामान भी गंदा करना शुरू कर दिया था। रोज़-रोज़ की इस परेशानी से तंग आकर और घर को साफ़-सुथरा रखने के लिए लेखक की पत्नी को खिड़की में जाली लगवानी पड़ी, ताकि कबूतर अंदर न आ सकें।

✅ Model Answer

समुद्र के गुस्से की वजह यह थी कि बिल्डरों और इंसानों ने अपने लालच में आकर समुद्र को लगातार पीछे धकेलना शुरू कर दिया था। उन्होंने समुद्र की ज़मीन पर बड़ी-बड़ी इमारतें और बस्तियाँ बना लीं, जिससे समुद्र का आकार सिकुड़ता जा रहा था। जब समुद्र को सिमटते-सिमटते जगह कम पड़ने लगी, तो उसे गुस्सा आ गया। उसने अपना गुस्सा एक भयानक तूफ़ान के रूप में निकाला। उसने अपनी लहरों पर चल रहे तीन जहाज़ों को उठाकर बच्चों की गेंद की तरह तीन अलग-अलग दिशाओं में फेंक दिया, जिससे वे बुरी तरह नष्ट हो गए।

✅ Model Answer

इन पंक्तियों के माध्यम से लेखक यह कहना चाहता है कि यह शरीर मिट्टी से बना है और अंत में मिट्टी में ही मिल जाता है। जब सभी मनुष्यों का शरीर एक ही तत्व (मिट्टी) से बना है और अंत भी एक जैसा ही है, तो फिर हम इंसानों के बीच भेदभाव क्यों करते हैं? मृत्यु के बाद किसी की पहचान नहीं रहती कि कौन किस धर्म, जाति या पद का था। लेखक हमें यह संदेश देना चाहता है कि हमें सभी इंसानों को समान समझना चाहिए और अहंकार तथा भेदभाव को त्याग देना चाहिए।

(ग) निम्नलिखित का आशय स्पष्ट कीजिए-

✅ Model Answer

आशय: इस पंक्ति का आशय यह है कि प्रकृति बहुत सहनशील है और मनुष्य द्वारा किए गए अत्याचारों को एक हद तक बर्दाश्त करती है। लेकिन जब मनुष्य का लालच और शोषण सीमा से बाहर हो जाता है, तो प्रकृति अपना रौद्र रूप दिखाती है। लेखक उदाहरण देते हुए बताते हैं कि कुछ साल पहले मुंबई में जो भयानक बाढ़ और तूफ़ान आया था, वह प्रकृति के इसी गुस्से का एक छोटा-सा नमूना था। यह मनुष्य के लिए एक चेतावनी थी कि उसे प्रकृति के साथ खिलवाड़ करना बंद कर देना चाहिए।

✅ Model Answer

आशय: इस पंक्ति का आशय है कि महान और गुणी व्यक्ति बहुत धैर्यवान और सहनशील होते हैं। वे छोटी-छोटी बातों पर क्रोधित नहीं होते। लेखक यह बात समुद्र के उदाहरण से समझाते हैं। समुद्र विशाल और महान है, इसलिए वह लंबे समय तक इंसानों द्वारा अपनी ज़मीन छीने जाने का अत्याचार सहता रहा। लेकिन जब अत्याचार हद से बढ़ गया, तभी उसे गुस्सा आया। यह पंक्ति हमें सिखाती है कि महानता धैर्य और क्षमा में निहित है, न कि क्रोध में।

✅ Model Answer

आशय: इस पंक्ति का आशय आधुनिक शहरीकरण और विकास के दुष्प्रभावों को उजागर करना है। लेखक बताते हैं कि मुंबई जैसे बड़े शहरों में इंसानों ने जंगल और पेड़ काटकर बड़ी-बड़ी इमारतें बना ली हैं। इस प्रक्रिया में अनगिनत पक्षियों और छोटे जानवरों के घर उजड़ गए हैं। इस वजह से कुछ जीव तो वह जगह छोड़कर चले गए, लेकिन जो नहीं जा सके, वे मजबूरन इंसानी बस्तियों में, इमारतों के छज्जों और रोशनदानों में अस्थायी ठिकाना बनाकर रह रहे हैं। यह पंक्ति मनुष्य की संवेदनहीनता और प्रकृति के उजड़ने का दर्द बयां करती है।

✅ Model Answer

आशय: इन पंक्तियों में शेख अयाज़ के पिता की गहरी संवेदनशीलता, दया और पश्चाताप की भावना छिपी है। जब एक चींटा उनकी बाजू पर चढ़कर उन्हें काट लेता है, तो वे उसे मारते नहीं, बल्कि उसे वापस कुएँ पर छोड़ने जाते हैं। उनका मानना है कि उन्होंने उस चींटे को उसके घर (कुएँ) से अलग करके उसे 'बेघर' कर दिया है। यह उनकी उस भावना को दर्शाता है कि वे एक छोटे से जीव के दर्द को भी अपना दर्द समझते हैं। वे मानते हैं कि इस धरती पर हर जीव को अपने घर में रहने का अधिकार है।

🚀Extra Board Exam Questions (2026-27)

📌 बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQs)
Difficulty: Easy
Q1. सुलेमान चींटियों की बातें सुनकर क्या करने वाले थे?
✅ Correct: (ख) अपनी राह बदलने वाले थे
Difficulty: Easy
Q2. लेखक की माँ के अनुसार, दरिया पर जाते समय किसे सलाम करना चाहिए?
✅ Correct: (ग) नदी को
Difficulty: Medium
Q3. बाइबिल और दूसरे पावन ग्रंथों में नूह नामक पैगंबर का ज़िक्र मिलता है, उनका असली नाम क्या था?
✅ Correct: (क) लशकर
Difficulty: Easy
Q4. लेखक के अनुसार, आज का इंसान कैसा हो गया है?
✅ Correct: (ग) केवल अपने सुख की सोचने वाला
Difficulty: Medium
Q5. समुद्र ने अपना गुस्सा किस रूप में प्रकट किया?
✅ Correct: (ख) जहाज़ों को फेंककर
📌 लघु उत्तरीय प्रश्न
✅ Model Answer

लेखक के पिता का चींटे को वापस कुएँ पर छोड़ने जाना यह दर्शाता है कि वे अत्यंत दयालु और संवेदनशील व्यक्ति थे। वे एक छोटे से जीव के दर्द को भी महसूस कर सकते थे और मानते थे कि किसी को भी उसके घर से बेघर करने का अधिकार उन्हें नहीं है।

✅ Model Answer

यह शीर्षक पूरी तरह सार्थक है। पाठ दर्शाता है कि पहले के समय में लोग (जैसे सुलेमान, नूह, लेखक के माता-पिता) दूसरे जीवों के दुःख को भी अपना दुःख समझते थे। लेकिन आज का इंसान इतना आत्मकेंद्रित हो गया है कि उसे केवल अपनी चिंता है। वह दूसरों के, यहाँ तक कि प्रकृति के दुःख से भी दुखी नहीं होता।

✅ Model Answer

लेखक की माँ प्रकृति और जीवों के प्रति गहरी आस्था और संवेदना रखती थीं। वह एक कबूतर का अंडा टूटने पर प्रायश्चित के लिए रोज़ा रखती थीं। इसके विपरीत, लेखक की पत्नी एक आधुनिक, व्यावहारिक महिला हैं जो घर की साफ़-सफाई को प्राथमिकता देती हैं और कबूतरों की गंदगी से परेशान होकर खिड़की पर जाली लगवा देती हैं।

📌 दीर्घ उत्तरीय प्रश्न
✅ Model Answer

लेखक इस कथन के माध्यम से यह कहना चाहते हैं कि पुराने समय में लोगों के दिलों में सबके लिए प्रेम और अपनापन था। वे न केवल मनुष्यों को, बल्कि पशु-पक्षियों और प्रकृति को भी अपने परिवार का हिस्सा मानते थे। सुलेमान का चींटियों के लिए रास्ता बदलना, लेखक की माँ का कबूतरों के लिए दुःख मनाना, और पिता का चींटे के प्रति पश्चाताप, ये सभी उदाहरण इसी 'वसुधैव कुटुम्बकम्' की भावना को दर्शाते हैं।

इसके विपरीत, आज का समाज स्वार्थ और भौतिकवाद के कारण टुकड़ों में बँट गया है। लोग फ्लैटों और छोटे घरों में सिमट गए हैं, जहाँ पड़ोसी भी एक-दूसरे को नहीं जानते। मनुष्य ने अपनी सुख-सुविधाओं के लिए प्रकृति को नष्ट कर दिया है, जिससे उसका रिश्ता अन्य प्राणियों से टूट गया है। यह दिखाता है कि हम एक-दूसरे से भावनात्मक रूप से कितने दूर हो गए हैं।

✅ Model Answer

हाँ, मैं इस बात से पूरी तरह सहमत हूँ कि निदा फ़ाज़ली ने इस पाठ के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण का एक मज़बूत संदेश दिया है। उन्होंने सीधे-सीधे उपदेश देने के बजाय भावनात्मक कहानियों और उदाहरणों का सहारा लिया है, जो पाठक के दिल को छू जाता है।

  • प्रकृति के क्रोध का चित्रण: समुद्र के गुस्से का वर्णन करके लेखक ने यह चेतावनी दी है कि यदि हम प्रकृति का सम्मान नहीं करेंगे, तो हमें उसके विनाशकारी परिणामों का सामना करना पड़ेगा।
  • जीवों के प्रति संवेदना: सुलेमान, नूह और लेखक के माता-पिता के उदाहरणों से वे हमें सिखाते हैं कि हर जीव का जीवन मूल्यवान है।
  • शहरीकरण की आलोचना: मुंबई जैसे शहरों का उदाहरण देकर उन्होंने दिखाया है कि कैसे अनियोजित विकास ने पक्षियों और जानवरों से उनका घर छीन लिया है।

यह पाठ हमें यह सोचने पर मजबूर करता है कि असली विकास वह नहीं जो प्रकृति को नष्ट करे, बल्कि वह है जो मनुष्य और प्रकृति के बीच सामंजस्य स्थापित करे।

✅ Model Answer
आपकी कॉलोनी में एक पुराना बड़ा पेड़ है जिस पर कई पक्षियों ने घोंसले बना रखे हैं। रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (RWA) पार्किंग की जगह बनाने के लिए उस पेड़ को काटने का फैसला करती है। कुछ लोग इसका समर्थन करते हैं, जबकि कुछ बच्चे और बुज़ुर्ग इसका विरोध करते हैं।
  1. (i) इस स्थिति की तुलना 'अब कहाँ दूसरे के दुख से दुखी होने वाले' पाठ की किस घटना से की जा सकती है?
    इस स्थिति की तुलना पाठ में वर्णित मुंबई की घटना से की जा सकती है, जहाँ बिल्डरों ने समुद्र को पीछे धकेलकर और जंगल काटकर बड़ी-बड़ी इमारतें बनाईं, जिससे अनगिनत परिंदों से उनका घर छिन गया।
  2. (ii) पेड़ काटने का समर्थन करने वाले लोग पाठ के किस चरित्र का प्रतिनिधित्व करते हैं?
    पेड़ काटने का समर्थन करने वाले लोग आज के उन स्वार्थी और आत्मकेंद्रित मनुष्यों का प्रतिनिधित्व करते हैं, जो अपनी सुविधा के लिए प्रकृति और अन्य जीवों के दुःख की परवाह नहीं करते।
  3. (iii) इस पेड़ को बचाने के लिए आप RWA को क्या सुझाव देंगे?
    मैं RWA को सुझाव दूँगा कि पार्किंग के लिए कोई और वैकल्पिक स्थान ढूँढा जाए। पेड़ को काटने के बजाय उसके आस-पास के क्षेत्र को सुन्दर बनाया जा सकता है। यह पेड़ न केवल पक्षियों का घर है, बल्कि हमें ऑक्सीजन और छाया भी देता है, इसलिए इसे काटना सभी के लिए नुकसानदेह है।

Common Mistakes to Avoid

01
🔄
सतही उत्तर लिखना
छात्र अक्सर कहानी का सारांश लिख देते हैं, लेकिन उसके गहरे अर्थ (आशय) को स्पष्ट नहीं कर पाते। "आशय स्पष्ट कीजिए" वाले प्रश्नों में पंक्ति के पीछे छिपे भाव को समझाना होता है।
02
🔍
उदाहरणों को मिला देना
सुलेमान और नूह की कहानियों को आपस में न मिलाएं। याद रखें: सुलेमान ने चींटियों का सम्मान किया था, और नूह ने कुत्ते को दुत्कारने पर पश्चाताप किया था।
03
🌁
वर्तमान संदर्भ न देना
यह पाठ केवल अतीत की कहानियों के बारे में नहीं है। उत्तर लिखते समय हमेशा इसे आज के समय (शहरीकरण, पर्यावरण विनाश) से जोड़ें।
04
💬
वर्तनी की अशुद्धियाँ
हिंदी में मात्राओं और वर्तनी का ध्यान रखें। 'संवेदना', 'प्रायश्चित', 'असंतुलन' जैसे शब्दों का सही अभ्यास करें।

📚Exam Preparation Tips for 2026-27

01
📈
Theme First
इस चैप्टर का केंद्रीय भाव (Theme) 'संवेदना की कमी' है। हर उत्तर को इस थीम से जोड़ने की कोशिश करें।
02
👤
Character Sketch
लेखक की माँ, पिता और सुलेमान के चरित्र की मुख्य विशेषताओं को पॉइंट्स में याद कर लें।
03
Practice Writing
लंबे उत्तरों को लिखकर अभ्यास करें। इससे आपकी स्पीड और लिखने की शैली दोनों सुधरेगी।
04
Time Management
परीक्षा में इस चैप्टर से आने वाले 5-6 अंकों के प्रश्नों के लिए 8-10 मिनट से ज़्यादा का समय न दें।

🅾Frequently Asked Questions (FAQs)

What is the main message of 'Ab Kahan Dusre Ke Dukh Se Dukhi Hone Wale'?
The main message is that modern humans have become selfish and insensitive towards the pain of other living beings and nature, unlike in the past when people lived in harmony with them.
Who was Nida Fazli?
Nida Fazli was a prominent Indian Hindi and Urdu poet, lyricist, and dialogue writer. His writing is known for its simplicity and deep emotional meaning, often reflecting social and human values.
What is the significance of King Solomon's story in the chapter?
King Solomon's story shows that true greatness lies in being compassionate and respectful towards even the smallest creatures. Despite being a powerful king, he cared for ants, setting an example of true empathy.

Master Chapter 12 🌱

"अब कहाँ दूसरे के दुख से दुखी होने वाले" सिर्फ एक अध्याय नहीं, बल्कि जीवन जीने की एक सीख है। यह हमें याद दिलाता है कि हमें अपने दिलों में सभी प्राणियों के लिए दया और प्रेम को जीवित रखना चाहिए।

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