NCERT Solutions for Class 10 Hindi Chapter 9: संगतकार
Welcome, students! This guide will help you master CBSE Class 10 Hindi Chapter 9, "संगतकार." We will explore the poem's deep meaning, cover all NCERT questions, and practice important board exam questions. This chapter is not only crucial for your exams but also teaches a valuable life lesson.
Chapter at a Glance
Chapter 9: संगतकार (Sangatkar) – Quick Reference
| Chapter Name | Chapter 9 - संगतकार (Sangatkar) |
| Poet | मंगलेश डबराल (Manglesh Dabral) |
| Subject | Hindi Course A – Kshitij (क्षितिज भाग 2) |
| Class / Board | Class 10 / CBSE |
| Key Topics | The role of a supporting artist (संगतकार), humility, teamwork, the metaphor of the main singer and accompanist. |
| Difficulty Level | Medium |
| Exam Weightage | 3–5 Marks |
Quick Facts to Remember
Learning Objectives
Understand the meaning and central theme of the poem "संगतकार".
Appreciate the role and importance of supporting individuals in any field.
Analyze the poem's language, metaphors, and symbolism.
Answer all NCERT and important board-style questions confidently.
Relate the poem's message to real-life situations and value humility and teamwork.
Key Concepts & Themes
Full NCERT Solutions for Class 10 Hindi Chapter 9 संगतकार
संगतकार के माध्यम से, कवि उन सहायक और गुमनाम व्यक्तियों की ओर संकेत कर रहे हैं जो किसी मुख्य कलाकार, नेता या किसी भी क्षेत्र में सफल व्यक्ति की सफलता के पीछे रहकर महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
ये वे लोग हैं:
- जो खुद limelight (प्रसिद्धि) में आए बिना दूसरों की सफलता में योगदान देते हैं।
- वे अपनी प्रतिभा और क्षमता को मुख्य व्यक्ति की सफलता के लिए समर्पित कर देते हैं।
- समाज अक्सर उनके योगदान को भूल जाता है या नज़रअंदाज़ कर देता है।
उदाहरण के लिए, एक बड़े गायक के साथ बजाने वाले वादक, एक बड़े अभिनेता के सहायक कलाकार, या किसी भी सफल प्रोजेक्ट में काम करने वाली टीम के सदस्य। कवि इन्हीं अनसंग हीरोज (unsung heroes) के महत्व को उजागर करना चाहते हैं।
संगतकार जैसे व्यक्ति संगीत के अलावा जीवन के लगभग हर क्षेत्र में दिखाई देते हैं। कुछ प्रमुख क्षेत्र निम्नलिखित हैं:
- खेल (Sports): टीम के सहायक खिलाड़ी, कोच, फिजियोथेरेपिस्ट आदि जो मुख्य खिलाड़ी की जीत के लिए मेहनत करते हैं।
- सिनेमा (Cinema): सहायक कलाकार (supporting actors), स्टंटमैन, मेकअप आर्टिस्ट, कैमरामैन और पूरी फिल्म क्रू जो एक हीरो को स्टार बनाते हैं।
- राजनीति (Politics): एक बड़े नेता के सलाहकार, कार्यकर्ता और सहायक, जो पर्दे के पीछे रहकर उसकी जीत सुनिश्चित करते हैं।
- शिक्षा (Education): स्कूलों और कॉलेजों में सहायक शिक्षक और प्रशासनिक कर्मचारी जो मुख्य शिक्षकों और प्रिंसिपल की मदद करते हैं।
- युद्ध (Warfare): सेना में मुख्य सिपाहियों के साथ रसद और सहायता पहुँचाने वाले सैनिक, जिनका योगदान अमूल्य होता है।
संक्षेप में, जहाँ भी कोई टीम वर्क होता है, वहाँ संगतकार जैसे व्यक्ति ज़रूर होते हैं।
कविता के अनुसार, संगतकार निम्नलिखित रूपों में मुख्य गायक-गायिकाओं की मदद करते हैं:
- आवाज़ में अपनी गूँज मिलाकर: जब मुख्य गायक की आवाज़ भारी और गहरी होती है, तो संगतकार अपनी कोमल और सुंदर आवाज़ से उसमें मधुरता भर देते हैं।
- भटकने पर संभालना: जब मुख्य गायक गीत के 'अनहद' में खोकर सुरों से भटक जाता है या अंतरे की जटिल तानों में उलझ जाता है, तो संगतकार गीत की 'स्थायी' (main line) को पकड़कर उसे वापस सही सुर पर ले आता है।
- हौसला बढ़ाना: जब ऊँचे सुर ('तार सप्तक') लगाते हुए मुख्य गायक का गला बैठने लगता है और उसकी हिम्मत टूटने लगती है, तो संगतकार पीछे से सुर लगाकर उसे यह अहसास दिलाता है कि वह अकेला नहीं है।
- खालीपन को भरना: वह अपनी आवाज़ से मुख्य गायक की आवाज़ में रही कमी या खालीपन को भरता है, जिससे प्रदर्शन उत्तम बना रहता है।
इस पंक्ति का भाव यह है कि संगतकार जानबूझकर अपनी आवाज़ को मुख्य गायक की आवाज़ से धीमा और कमज़ोर रखता है। उसकी आवाज़ में एक संकोच या 'हिचक' होती है। यह उसकी अक्षमता या 'विफलता' (failure) नहीं है, बल्कि यह उसकी 'मनुष्यता' (humanity) और महानता है।
वह ऐसा इसलिए करता है क्योंकि:
- वह मुख्य गायक को सम्मान देना चाहता है।
- वह अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करके मुख्य गायक के महत्व को कम नहीं करना चाहता।
- उसका लक्ष्य खुद को श्रेष्ठ साबित करना नहीं, बल्कि प्रदर्शन को सफल बनाना है।
यह त्याग और विनम्रता का एक उत्कृष्ट उदाहरण है, जिसे हमें उसकी कमजोरी नहीं, बल्कि उसका मानवीय गुण समझना चाहिए।
यह कथन बिल्कुल सत्य है कि किसी भी क्षेत्र में प्रसिद्धि पाने वाले व्यक्ति की सफलता केवल उसकी अपनी मेहनत का परिणाम नहीं होती, बल्कि उसके पीछे अनेक लोगों का मौन योगदान होता है।
उदाहरण: एक सफल क्रिकेटर का जीवन
एक प्रसिद्ध क्रिकेटर, जैसे विराट कोहली या सचिन तेंदुलकर, जब शतक बनाता है तो पूरी दुनिया उसकी प्रशंसा करती है। लेकिन उसकी इस सफलता के पीछे अनेक 'संगतकारों' का हाथ होता है:
- कोच: जिसने बचपन से उसकी प्रतिभा को निखारा और उसे सही तकनीक सिखाई।
- परिवार: जिसने आर्थिक और भावनात्मक रूप से उसका हमेशा साथ दिया।
- टीम के अन्य खिलाड़ी: जो मैदान पर दबाव कम करते हैं और अच्छी साझेदारी बनाते हैं।
- फिजियो और ट्रेनर: जो उसे शारीरिक रूप से फिट और चोटों से मुक्त रखते हैं।
- ग्राउंड्समैन: जो खेलने के लिए एक अच्छी पिच तैयार करते हैं।
इन सभी लोगों के बिना उस एक खिलाड़ी के लिए शिखर पर पहुँचना लगभग असंभव है। इसलिए, प्रसिद्धि पाने वाले व्यक्ति की सफलता एक सामूहिक प्रयास का फल होती है।
'तार सप्तक' गायन की वह ऊँची सीमा है, जहाँ पहुँचकर अच्छे-अच्छे गायकों का स्वर लड़खड़ाने लगता है और उनकी साँस टूटने लगती है। यह प्रदर्शन का सबसे चुनौतीपूर्ण क्षण होता है।
इस कथन के आलोक में संगतकार की विशेष भूमिका इस प्रकार है:
- संबल प्रदान करना (To provide support): ऐसे नाजुक समय में, संगतकार अपनी आवाज़ का सहारा देकर मुख्य गायक के बिखरते हुए स्वर को सँभाल लेता है। वह गायक को यह विश्वास दिलाता है कि वह अकेला नहीं है और यदि उसका सुर टूट भी जाए तो कोई संभालने वाला है।
- आत्मविश्वास लौटाना (To restore confidence): संगतकार के समर्थन से मुख्य गायक का आत्मविश्वास लौट आता है और वह उस कठिन चुनौती को सफलतापूर्वक पार कर लेता है।
- प्रदर्शन की निरंतरता बनाए रखना (To maintain continuity): संगतकार के हस्तक्षेप से प्रदर्शन में कोई रुकावट नहीं आती और श्रोताओं को मुख्य गायक की कमजोरी का पता भी नहीं चलता।
इस प्रकार, संगतकार एक सच्चे सहायक की तरह सबसे कठिन क्षण में मुख्य गायक का सहारा बनकर प्रदर्शन को असफल होने से बचा लेता है।
सफलता के चरम शिखर पर पहुँचने के दौरान जब कोई व्यक्ति लड़खड़ाता है, तो उसके सहयोगी (संगतकार) उसे कई तरह से सँभालते हैं:
- भावनात्मक सहारा: वे उसे अकेला महसूस नहीं होने देते और उसका मनोबल बढ़ाते हैं। वे उसे उसकी पुरानी सफलताओं और क्षमताओं की याद दिलाकर प्रेरित करते हैं।
- गलतियों को सुधारना: वे उसकी गलतियों को ढकते हैं और उसे सुधारने में मदद करते हैं ताकि उसकी सार्वजनिक छवि खराब न हो।
- जिम्मेदारियाँ बाँटना: वे उसकी कुछ जिम्मेदारियाँ अपने ऊपर ले लेते हैं ताकि उस पर से दबाव कम हो सके।
- सही सलाह देना: वे निस्वार्थ भाव से उसे सही सलाह देते हैं और उसे वापस सही रास्ते पर लाने की कोशिश करते हैं।
- संसाधन जुटाना: वे उसके लिए आवश्यक संसाधन और समर्थन जुटाते हैं ताकि वह फिर से खड़ा हो सके।
ठीक वैसे ही जैसे संगतकार मुख्य गायक को सुर से भटकने पर 'स्थायी' गाकर वापस सही राह पर ले आता है, वैसे ही सच्चे सहयोगी हमें जीवन में लड़खड़ाने पर सहारा देते हैं।
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कवि ने संगतकार की आवाज़ को 'कमज़ोर और काँपती हुई' इसलिए नहीं कहा कि उसमें शक्ति नहीं है, बल्कि इसलिए कि वह जानबूझकर अपनी आवाज़ को दबाता है। उसमें एक संकोच है ताकि उसकी आवाज़ मुख्य गायक की आवाज़ पर हावी न हो जाए। यह उसकी विनम्रता का प्रतीक है।
संगतकार को 'नौसिखिया' कहना पूरी तरह उचित नहीं है। कवि ने यह विकल्प सिर्फ एक संभावना के तौर पर रखा है ("जैसे उसे याद दिलाता हो उसका बचपन, जब वह नौसिखिया था")। संगतकार अनुभवी भी हो सकता है, लेकिन वह मुख्य गायक को सहारा देने के लिए एक शिष्य की तरह विनम्र बना रहता है।
'संगतकार' कविता की भाषा सरल, सहज और खड़ी बोली हिंदी है। कवि मंगलेश डबराल ने संगीत की शब्दावली जैसे 'तार सप्तक', 'स्थायी', 'अंतरा' का सुंदर प्रयोग किया है। भाषा में दृश्यात्मकता और प्रतीकात्मकता है, जो पाठक के मन में एक चित्र बना देती है।
मुख्य गायक और संगतकार के रिश्ते में त्याग, विनम्रता, सहयोग और निस्वार्थता जैसे मानवीय मूल्य झलकते हैं। संगतकार अपनी पहचान और श्रेय की चिंता किए बिना मुख्य गायक की सफलता के लिए अपना सब कुछ समर्पित कर देता है।
इस पंक्ति का आशय यह है कि संगतकार का समर्थन केवल तकनीकी नहीं, बल्कि भावनात्मक भी है। जब मुख्य गायक कठिन सुरों में संघर्ष कर रहा होता है, तो संगतकार की आवाज़ उसे यह अहसास दिलाती है कि तुम अकेले नहीं हो, पूरी टीम तुम्हारे साथ है। यह उसका हौसला बढ़ाता है।
वह आवाज़ सुंदर कमज़ोर काँपती हुई थी
वह मुख्य गायक का छोटा भाई है
या उसका शिष्य
या पैदल चलकर सीखने आने वाला दूर का कोई रिश्तेदार
मुख्य गायक की गरज़ में
वह अपनी गूँज मिलाता आया है प्राचीन काल से।
(क) कवि ने संगतकार की आवाज़ की क्या विशेषताएँ बताई हैं?
उत्तर: कवि ने संगतकार की आवाज़ को सुंदर, कमज़ोर और काँपती हुई बताया है। यह कमज़ोरी शारीरिक नहीं, बल्कि जानबूझकर लाई गई विनम्रता है, ताकि मुख्य गायक का स्वर प्रमुख रहे।
(ख) कवि संगतकार के कौन-कौन से रिश्ते मुख्य गायक से हो सकते हैं, इसकी कल्पना क्यों करता है?
उत्तर: कवि यह कल्पना इसलिए करता है क्योंकि संगतकार का समर्पण और स्नेह किसी करीबी रिश्तेदार जैसा ही है। वह दिखाना चाहता है कि यह रिश्ता केवल पेशेवर नहीं, बल्कि आत्मीय भी हो सकता है, जैसे एक छोटे भाई का बड़े भाई के प्रति या शिष्य का गुरु के प्रति होता है।
(ग) 'प्राचीन काल से' कहने का क्या तात्पर्य है?
उत्तर: 'प्राचीन काल से' कहने का तात्पर्य यह है कि मुख्य कलाकार को सहायता देने की यह परंपरा बहुत पुरानी है। यह कोई नई बात नहीं है, बल्कि हमेशा से ही सफलता के पीछे ऐसे सहायक लोगों का योगदान रहा है।
हाँ, मैं इस बात से पूरी तरह सहमत हूँ। 'संगतकार' कविता समाज के उन अनगिनत लोगों का प्रतिनिधित्व करती है जो पर्दे के पीछे रहकर मेहनत करते हैं, लेकिन उनकी मेहनत का श्रेय किसी और को मिल जाता है।
मेरे दैनिक जीवन में इसका सबसे बड़ा उदाहरण मेरी माँ हैं। वह घर में सभी की सफलता और सुख-सुविधा के लिए दिन-रात काम करती हैं। मेरे स्कूल के प्रोजेक्ट बनाने में मदद करने से लेकर, पिताजी को ऑफिस के लिए तैयार करने तक, वह हर किसी के लिए एक 'संगतकार' की भूमिका निभाती हैं। जब मैं परीक्षा में अच्छे अंक लाता हूँ, तो प्रशंसा मुझे मिलती है, लेकिन उसके पीछे मेरी माँ का त्याग, रात भर जागना और मेरी पढ़ाई के लिए अनुकूल माहौल बनाना होता है। ठीक इसी तरह, स्कूल का सफ़ाई कर्मचारी, जो स्कूल को साफ़ रखता है ताकि हम स्वस्थ वातावरण में पढ़ सकें, वह भी एक गुमनाम संगतकार है। समाज को इन 'संगतकारों' के योगदान को पहचानना और सम्मान देना चाहिए।
दोस्तों, आज इस प्रतिष्ठित पुरस्कार को हाथों में पकड़कर मैं बहुत सम्मानित महसूस कर रहा हूँ। लेकिन मैं आपको एक सच बताना चाहता हूँ - यह पुरस्कार सिर्फ मेरा नहीं है। यह उस पूरी टीम का है जो हमेशा मेरे पीछे एक चट्टान की तरह खड़ी रही।
मैं धन्यवाद देना चाहता हूँ अपने संगतकारों का, मेरे संगीतकारों का, जिनकी धुन के बिना मेरे शब्द अधूरे हैं। जब-जब मेरे सुर लड़खड़ाए, उन्होंने मुझे सँभाला। मैं धन्यवाद देना चाहता हूँ मेरे साउंड इंजीनियर का, जिसने मेरी आवाज़ को आप तक खूबसूरती से पहुँचाया। यह जीत हम सबकी है। यह पुरस्कार उन सभी 'संगतकारों' को समर्पित है जो रोशनी में नहीं रहते, लेकिन जिनके बिना कोई भी सितारा चमक नहीं सकता। आप सभी का बहुत-बहुत धन्यवाद!
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Frequently Asked Questions (FAQs)
Master The Poem संगतकार 🎶
The chapter "संगतकार" teaches us a profound lesson in humility and gratitude. It encourages us to look beyond the spotlight and appreciate the silent pillars of support in our own lives. Regular practice with these questions will surely help you score full marks in this section. Good luck!
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