CBSE 2026-27 | Kshitij (क्षितिज भाग 2)

Updated NCERT Solutions for Kanyadaan Class 10 Hindi | Important Questions (2026-27)

📚 Class 10 CBSE 🇮🇳 Hindi – Kshitij ⚡ 3–5 Marks 🔵 Moderate

Welcome, students! This guide provides detailed NCERT Solutions for Class 10 Hindi Kshitij Chapter 8, 'कन्यादान'. We will explore the deep emotions of a mother and her practical advice to her daughter. This beautiful poem is crucial for your CBSE board exams and helps build analytical skills.

📋Chapter at a Glance

📚

Chapter 8: कन्यादान (Kanyadaan) – Quick Reference

Chapter Nameकन्यादान (Kanyadaan)
Poetऋतुराज (Rituraj)
Subject / BookHindi Course A – Kshitij (क्षितिज भाग 2)
Board / ClassCBSE Class 10
Target Year2026-27
Key TopicsA mother's advice, the reality of married life, social critique of 'Kanyadaan', women's empowerment.
Difficulty LevelModerate (Requires understanding of deep emotions and symbolism)
Exam Weightage3–5 Marks (Extract-based or short answer questions)

🎯Learning Objectives

1

Understand the poet Rituraj's perspective on the tradition of 'Kanyadaan'.

2

Analyze the complex emotions of a mother while sending her daughter to her new home.

3

Decode the symbolic meaning behind the mother's advice.

4

Appreciate the poem's critique of societal expectations from women.

5

Confidently answer all CBSE Class 10 Hindi Course A – Kshitij (क्षितिज भाग 2) Chapter 8 exam questions.

💡Key Concepts & Themes

प्रामाणिक दुख (Pramanik Dukh)
The mother's sorrow is 'authentic' because she is parting with her life's most precious possession – her daughter. It's a real, deep-seated pain.
लड़की अभी सयानी नहीं थी
This means the daughter was innocent and simple, not yet 'worldly-wise'. She understood the happiness of marriage but not its potential hardships.
पाठिका थी वह धुँधले प्रकाश की
The daughter was like a reader of a book with dim light, who has only read the pleasant parts but hasn't understood the deeper, harsher realities of life.
आग रोटियाँ सेंकने के लिए है
A crucial advice: fire is for cooking, not for self-harm or enduring abuse (a stark reference to dowry deaths and domestic violence).
जलने के लिए नहीं
वस्त्र और आभूषण शाब्दिक भ्रमों की तरह
The mother warns her daughter not to be trapped by clothes and jewelry, calling them 'verbal illusions' that act as bonds restricting a woman's freedom.
लड़की होना पर लड़की जैसी दिखाई मत देना
The final advice: Retain feminine qualities (compassion) but don't appear weak, submissive, or vulnerable. Be strong and assertive.

📝Full NCERT Solutions (Updated for 2026-27)

✅ Model Answer

माँ ने ऐसा इसलिए कहा क्योंकि वह अपनी बेटी को पारंपरिक रूप से देखी जाने वाली कमजोर और शोषित 'लड़की' की छवि से बचाना चाहती थी। इस कथन के माध्यम से माँ अपनी बेटी को दोहरी सलाह दे रही है:

  1. 'लड़की होना': इसका अर्थ है कि बेटी को अपने भीतर के स्वाभाविक स्त्री-सुलभ गुणों जैसे कि कोमलता, स्नेह, और ममता को बनाए रखना चाहिए। ये गुण उसकी पहचान का हिस्सा हैं और इन्हें त्यागने की आवश्यकता नहीं है।
  2. 'लड़की जैसी दिखाई मत देना': इसका अर्थ है कि उसे समाज द्वारा निर्धारित 'अबला' या कमजोर लड़की की भूमिका नहीं अपनानी है। उसे किसी भी प्रकार के अन्याय या शोषण का शिकार नहीं होना चाहिए। उसे अपनी सरलता और भोलेपन का दुरुपयोग नहीं होने देना चाहिए।

संक्षेप में, माँ चाहती थी कि उसकी बेटी सजग, साहसी और अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहे, ताकि वह ससुराल में आने वाली किसी भी कठिन परिस्थिति का डटकर सामना कर सके।

✅ Model Answer

(क) इन पंक्तियों में, समाज में स्त्री की उस दयनीय और भयावह स्थिति की ओर संकेत किया गया है, जहाँ उसे दहेज के लिए या अन्य किसी पारिवारिक कलह के कारण जलाकर मार दिया जाता है। आग का उपयोग जीवन देने (रोटी सेंकने) के लिए होता है, लेकिन जब उसी आग का उपयोग किसी की जान लेने के लिए किया जाए, तो यह समाज की विकृत मानसिकता को दर्शाता है। यह पंक्ति घरेलू हिंसा और स्त्री-शोषण की ओर एक मार्मिक इशारा है।

(ख) माँ ने बेटी को सचेत करना इसलिए ज़रूरी समझा क्योंकि उसकी बेटी अभी भोली और सरल थी। वह जीवन की कठोर वास्तविकताओं से अपरिचित थी। माँ को डर था कि उसकी बेटी ससुराल में होने वाले किसी भी अत्याचार को चुपचाप सह लेगी या भावनात्मक रूप से कमजोर पड़कर कोई गलत कदम उठा सकती है। इसलिए, माँ ने उसे पहले ही आगाह कर दिया कि आग का सही उपयोग करना और अपनी सुरक्षा को प्राथमिकता देना कितना महत्वपूर्ण है। वह उसे आत्मरक्षा के लिए तैयार कर रही थी।

✅ Model Answer

इन पंक्तियों को पढ़कर लड़की की एक बहुत ही सरल, भोली और मासूम छवि मन में उभरती है। ऐसा लगता है कि वह एक ऐसी लड़की है जिसने अभी तक जीवन के केवल सुखद और सकारात्मक पहलुओं को ही देखा है।

  • सपनों में खोई हुई: वह शादी से जुड़ी खुशियों और कल्पनाओं में खोई हुई है, लेकिन उसे वैवाहिक जीवन की जिम्मेदारियों और चुनौतियों का कोई अंदाज़ा नहीं है।
  • अनुभवहीन: 'धुँधले प्रकाश की पाठिका' का अर्थ है कि उसे जीवन का ज्ञान बहुत अस्पष्ट और अधूरा है। उसने जीवन रूपी पुस्तक के केवल कुछ सरल 'तुक और लयबद्ध पंक्तियाँ' (खुशियाँ) ही पढ़ी हैं, गहरे और जटिल अर्थ (कठिनाइयाँ) अभी उसकी समझ से परे हैं।
  • कोमल और भावुक: वह स्वभाव से कोमल और भावुक है, जिसे कठोर सच्चाइयों का सामना करने का अनुभव नहीं है।

कुल मिलाकर, यह एक ऐसी लड़की की छवि है जो बाहरी दुनिया की जटिलताओं से अनजान है और अपनी ही एक काल्पनिक दुनिया में जी रही है।

✅ Model Answer

माँ को अपनी बेटी 'अंतिम पूँजी' इसलिए लग रही थी क्योंकि एक बेटी अपनी माँ की सबसे करीबी दोस्त, राज़दार और सुख-दुःख की साथी होती है। माँ ने अपनी बेटी को बड़े लाड़-प्यार और जतन से पाला-पोसा था। उसके साथ माँ ने अपने जीवन के अनमोल पल बिताए थे। बेटी ही उसके जीवन का एकमात्र सहारा और संबल थी।

जिस प्रकार एक व्यक्ति अपनी अंतिम जमा पूँजी को बहुत सहेजकर रखता है और उसे खर्च नहीं करना चाहता, उसी प्रकार माँ अपनी बेटी को खुद से दूर नहीं करना चाहती थी। बेटी का 'कन्यादान' करने के बाद माँ भावनात्मक रूप से बिलकुल अकेली हो जाएगी। इसलिए, उसे अपनी बेटी अपने जीवन की अंतिम और सबसे कीमती संपत्ति लग रही थी।

✅ Model Answer

माँ ने अपनी बेटी को विदा करते समय जीवन की कुछ बहुत ही व्यावहारिक और महत्वपूर्ण सीखें दीं, जो निम्नलिखित हैं:

  1. सौंदर्य पर मोहित न होना: माँ ने कहा कि कभी भी अपने चेहरे की सुंदरता पर इतराना नहीं, क्योंकि यह स्थायी नहीं है।
  2. शोषण का प्रतिकार करना: माँ ने समझाया कि आग का उपयोग रोटियाँ सेंकने के लिए होता है, न कि जलने के लिए। अर्थात, किसी भी प्रकार के अत्याचार या शोषण को सहन मत करना और अपनी जान को हमेशा सुरक्षित रखना।
  3. भौतिक वस्तुओं से मोह न करना: माँ ने सीख दी कि वस्त्रों और आभूषणों के मोह में नहीं पड़ना। ये केवल बंधन हैं जो तुम्हारी आज़ादी को छीन सकते हैं।
  4. कमजोर न दिखना: अंत में, माँ ने सबसे महत्वपूर्ण सीख दी कि 'लड़की होना पर लड़की जैसी दिखाई मत देना'। यानी, अपने नारी-सुलभ गुणों को बनाए रखना, लेकिन कभी भी खुद को कमजोर या असहाय प्रदर्शित मत करना। हमेशा साहसी और दृढ़ रहना।

🚀Extra Important Questions (Board Style 2026-27)

📌 MCQs (बहुविकल्पीय प्रश्न)
Difficulty: Easy
Q1. कविता में माँ का दुःख कैसा बताया गया है?
✅ उत्तर: (ख) प्रामाणिक
Difficulty: Medium
Q2. 'वस्त्र और आभूषण' को कवि ने क्या कहा है?
✅ उत्तर: (ग) शाब्दिक भ्रम
Difficulty: Medium
Q3. 'लड़की जैसी दिखाई मत देना' का क्या आशय है?
✅ उत्तर: (ग) कमजोर और असहाय न दिखना
📌 Short Answer Questions (लघु उत्तरीय प्रश्न)
✅ Model Answer

बेटी को 'धुँधले प्रकाश की पाठिका' इसलिए कहा गया है क्योंकि उसे जीवन का केवल अस्पष्ट और अधूरा ज्ञान था। उसने सिर्फ जीवन के सुखद पक्ष को देखा था, लेकिन वैवाहिक जीवन की कठिनाइयों और जिम्मेदारियों से वह पूरी तरह अनजान थी।

✅ Model Answer

माँ अपनी बेटी को लेकर इसलिए चिंतित थी क्योंकि उसकी बेटी बहुत भोली, सरल और दुनियादारी से अनजान थी। माँ को डर था कि ससुराल में लोग उसकी सरलता का फायदा उठा सकते हैं या उसके साथ कोई अन्याय हो सकता है, जिसका वह प्रतिकार नहीं कर पाएगी।

📌 Extract-Based Question (पद्यांश आधारित प्रश्न)
पानी में झाँककर
अपने चेहरे पर मत रीझना
आग रोटियाँ सेंकने के लिए है
जलने के लिए नहीं
वस्त्र और आभूषण शाब्दिक भ्रमों की तरह
बंधन हैं स्त्री जीवन के
✅ Model Answers

(क) 'अपने चेहरे पर मत रीझना' - इस पंक्ति के माध्यम से माँ क्या सलाह दे रही है?
इस पंक्ति के माध्यम से माँ यह सलाह दे रही है कि बेटी को अपनी बाहरी सुंदरता पर कभी घमंड नहीं करना चाहिए। सुंदरता अस्थायी होती है और लोगों को इसके मोह में नहीं पड़ना चाहिए। असली सुंदरता व्यक्ति के गुणों और व्यवहार में होती है। (Difficulty: Medium)

(ख) 'वस्त्र और आभूषण' को बंधन क्यों कहा गया है?
वस्त्र और आभूषण को बंधन इसलिए कहा गया है क्योंकि अक्सर समाज इन्हीं चीजों का लालच देकर स्त्री को नियंत्रित करने की कोशिश करता है। ये वस्तुएँ स्त्री को एक सजावटी वस्तु बना देती हैं और उसकी असली पहचान और स्वतंत्रता को सीमित कर देती हैं। (Difficulty: Hard)

(ग) इस पद्यांश में निहित सामाजिक बुराई क्या है?
इस पद्यांश में निहित सामाजिक बुराई घरेलू हिंसा और दहेज प्रताड़ना है। 'आग जलने के लिए नहीं है' पंक्ति सीधे-सीधे उन घटनाओं की ओर संकेत करती है जहाँ बहुओं को दहेज के लिए जला दिया जाता है। (Difficulty: Hard)

📌 Long Answer Questions (दीर्घ उत्तरीय प्रश्न)
✅ Model Answer

'कन्यादान' कविता 'दान' शब्द के माध्यम से परंपरा का हल्का विरोध तो करती है, क्योंकि बेटी कोई वस्तु नहीं जिसका दान किया जा सके। लेकिन इसका मुख्य उद्देश्य परंपरा का अंधा विरोध करना नहीं, बल्कि परंपरा में निहित स्त्री की कमजोर छवि को बदलना और उसे एक नई, मजबूत दृष्टि देना है। माँ अपनी बेटी को विवाह करने से नहीं रोक रही, बल्कि उसे वैवाहिक जीवन की सच्चाइयों के लिए तैयार कर रही है। वह उसे सिखा रही है कि परंपरा निभाओ, लेकिन अपनी अस्मिता और आत्म-सम्मान की कीमत पर नहीं। वह आदर्श बहू बनने के साथ-साथ एक सशक्त और जागरूक इंसान बनने की प्रेरणा दे रही है। इस प्रकार, यह कविता परंपरा को एक प्रगतिशील और यथार्थवादी दृष्टि प्रदान करती है।

✅ Model Answer

'कन्यादान' कविता में माँ का चरित्र एक पारंपरिक माँ से अलग, प्रगतिशील और यथार्थवादी है। उनकी विशेषताएँ हैं:

  • अनुभवी और यथार्थवादी: वह जानती हैं कि वैवाहिक जीवन सिर्फ सपनों और खुशियों का नाम नहीं, बल्कि इसमें चुनौतियाँ भी हैं।
  • स्नेहमयी: उनका दुःख 'प्रामाणिक' है, जो बेटी के प्रति उनके गहरे स्नेह को दर्शाता है।
  • सशक्त मार्गदर्शक: वह अपनी बेटी को कमजोर बनने की नहीं, बल्कि मजबूत बनने की सीख देती हैं। वह उसे शोषण के खिलाफ आवाज़ उठाने के लिए प्रेरित करती हैं।
  • प्रगतिशील सोच: वह वस्त्रों, आभूषणों और बाहरी सुंदरता को बंधन मानती हैं और अपनी बेटी को इन भ्रमों से दूर रहने को कहती हैं।

इस प्रकार, माँ एक ऐसी पथ-प्रदर्शक है जो अपनी बेटी को भावनात्मक और व्यावहारिक रूप से सशक्त बनाकर विदा कर रही है।

Common Mistakes Students Make

01
🔄
Literal Interpretation
Students often take 'लड़की जैसी दिखाई मत देना' literally (become like a boy), which is wrong. Its implied meaning is: don't appear weak.
02
🔍
Ignoring the Symbolism
'आग' (fire), 'वस्त्र' (clothes), 'आभूषण' (jewelry) are not just objects but symbols of social bonds and exploitation. Understand their deeper meaning.
03
💬
Misunderstanding the Mother's Tone
Some students might find the mother's advice harsh. It's actually a sign of her concern and deep love, meant to empower her daughter, not scare her.
04
📝
Vague Answers
Avoid giving vague answers. Always quote lines from the poem to support your points and make your answer more effective.

📚Exam Preparation Tips for 2026-27

01
📈
Understand the Core Message
Firmly grasp the poem's central theme: a mother's concern and progressive advice for her daughter.
02
📋
Memorize Key Lines
Remember important lines like 'लड़की होना पर...', 'आग रोटियाँ सेंकने के लिए...', and their meanings. They are very useful for answers.
03
Practice Extract-Based Questions
This chapter is a favourite for extract-based questions. Practice writing answers for them.
04
💬
Focus on Vocabulary
Understand the meanings of words like 'प्रामाणिक', 'रीझना', 'शाब्दिक भ्रम', and 'लयबद्ध'.

🅾Frequently Asked Questions (FAQs)

What is the main message of the poem Kanyadaan Class 10?
The main message is that a girl should embrace her feminine qualities but never appear weak or allow herself to be exploited. It is a mother's practical advice to her daughter to be strong, aware, and assertive in her married life.
Why was the mother's sorrow 'pramanik' (authentic) in the poem?
The mother's sorrow was authentic because her daughter was her most precious possession and lifelong companion. Giving her away in marriage felt like losing her life's final capital, leading to a deep, genuine, and unexaggerated pain.
What advice did the mother give her daughter in Kanyadaan?
The mother advised her daughter not to be swayed by her own beauty, to use fire for cooking not for self-harm (i.e., stand against abuse), not to be trapped by clothes and jewelry, and to be a girl but not appear weak or vulnerable.
Who is the poet of Kanyadaan Class 10?
The poet of the poem 'कन्यादान' (Kanyadaan) is ऋतुराज (Rituraj).
Is Kanyadaan an important chapter for board exams 2026?
Yes, 'Kanyadaan' is a very important chapter. Its deep emotional content and social message make it a frequent choice for extract-based and short-answer questions in the CBSE Class 10 Hindi board exam.

Master कन्यादान 👰

'कन्यादान' सिर्फ एक कविता नहीं, बल्कि हर माँ की अपनी बेटी के लिए एक सीख है। यह हमें सिखाती है कि परंपराओं का सम्मान करते हुए भी अपनी पहचान और आत्म-सम्मान को बनाए रखना कितना ज़रूरी है। We hope these Updated NCERT Solutions and Important Questions help you score full marks. All the best!

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