CBSE 2026-27 | कृतिका भाग 2

Updated NCERT Solutions for Mata ka Aanchal Class 10 Hindi | Important Questions (2026-27)

📚 Class 10 CBSE 🇮🇳 Hindi Course A – Kritika ⚡ 3–4 Marks 🔵 Easy to Medium

Welcome, students! This guide provides updated NCERT Solutions for Class 10 Hindi Kritika Chapter 1, 'Mata ka Aanchal'. We'll explore this beautiful chapter, covering its summary, key themes, and important questions. Understanding this chapter is crucial for scoring well in your CBSE board exams and building a strong foundation in Hindi literature.

📋Chapter at a Glance

📖

Chapter 1: माता का आँचल – Quick Reference

Chapter Nameमाता का आँचल (Mata ka Aanchal)
Authorशिवपूजन सहाय (Shivpujan Sahay)
SubjectHindi Course A – Kritika (कृतिका भाग 2)
Class / BoardClass 10 / CBSE
Target Year2026-27
Important TopicsChildhood Innocence, Mother's Love vs. Father's Affection, Rural Life and Games, Child Psychology
Difficulty LevelEasy to Medium
Exam Weightage3–4 Marks

📊Key Facts to Remember

👤
लेखक (Author)
शिवपूजन सहाय
🎉
बचपन का नाम
तारकेश्वरनाथ
👦
पिता का संबोधन
भोलानाथ
📖
पुस्तक (Book)
कृतिका भाग 2

🎯Learning Objectives

1

Understand the beautiful bond between a child and his parents, especially his mother.

2

Appreciate the depiction of rural Indian life from the early 20th century.

3

Analyze the character of the narrator, Bholanath, and his emotional world.

4

Explain the difference between a father's companionship and a mother's protective love.

5

Confidently answer all NCERT Solutions for Class 10 Hindi Kritika Chapter 1 and other important questions.

💡Key Concepts & Themes

भोलानाथ (Bholanath)
The narrator and main character. His real name is तारकेश्वरनाथ (Tarkeshwarnath), but his father lovingly calls him Bholanath.
पिता का स्नेह
Bholanath spends most of his day with his father. Their bond is playful and friendly, full of companionship.
Father's Affection
माता का आँचल
The 'Aanchal' symbolizes a mother's unconditional love, protection, and security. In times of real fear, the child seeks refuge only in his mother's arms.
Mother's Lap/Love
ग्रामीण परिवेश
The story beautifully captures the simple life in a village, describing open fields, old customs, and traditional games.
Rural Setting
बाल-सुलभ क्रीड़ाएँ
The chapter details various imaginative games played by children, like playing shop, staging a wedding procession ('बारात'), and farming in the fields.
Childlike Games

📝Full NCERT Solutions (Updated for 2026-27)

✅ Model Answer

यह बात सच है कि भोलानाथ का अपने पिता से बहुत गहरा लगाव था। वह अपने पिता के साथ ही सोता, उठता, खेलता और घूमता था। इसके बावजूद, जब साँप को देखकर वह डर जाता है, तो वह पिता के पास न जाकर सीधा अपनी माँ की गोद में छिप जाता है।

इसकी मुख्य वजह यह है कि:

  1. सुरक्षा का एहसास: बच्चे को संकट के समय जितनी सुरक्षा और अपनत्व अपनी माँ की गोद में महसूस होता है, उतना कहीं और नहीं। माँ का आँचल बच्चे के लिए दुनिया की सबसे सुरक्षित जगह होती है।
  2. ममता और कोमलता: पिता का स्नेह खेल और दोस्ती जैसा था, लेकिन माँ के स्नेह में ममता, कोमलता और एक भावनात्मक सुरक्षा का भाव था। बच्चे को पता था कि डर और चोट के समय जो राहत माँ से मिलेगी, वह पिता से नहीं मिल सकती।
  3. आंतरिक जुड़ाव: बच्चे का अपनी माँ के साथ एक भावनात्मक और आंतरिक रिश्ता होता है। भले ही वह दिनभर पिता के साथ रहे, पर विपत्ति के समय उसे अपनी माँ की ही याद आती है, जो उसे हर खतरे से बचाने की क्षमता रखती है।
✅ Model Answer

भोलानाथ अपने साथियों को देखकर सिसकना इसलिए भूल जाता है क्योंकि बच्चों का मन बहुत भोला और चंचल होता है। वे अपनी उम्र के बच्चों के साथ खेलने में सबसे ज़्यादा आनंद महसूस करते हैं।

  • जब भोलानाथ अपने दोस्तों की टोली को देखता है, तो उसका ध्यान अपने दुख और रोने से हटकर खेल की तरफ चला जाता है।
  • साथियों के साथ मिलकर खेलने की खुशी और उत्साह उसके मन के सारे दुख-दर्द को भुला देती है।
  • यह बच्चों के मनोविज्ञान को दर्शाता है कि उनके लिए खेल और दोस्तों का साथ किसी भी उदासी से बाहर निकलने का सबसे अच्छा तरीका है।
✅ Model Answer

हाँ, यह सच है कि बच्चे खेलते समय अक्सर तुकबंदी करते हैं, जिससे खेल और भी मज़ेदार हो जाता है। मेरे बचपन के खेलों से जुड़ी कुछ तुकबंदियाँ इस प्रकार हैं:

  • क्रिकेट खेलते समय: "अक्कड़-बक्कड़ बम्बे बो, अस्सी नब्बे पूरे सौ।"
  • छुपन-छुपाई में: "आईस-पाईस, धप्पा!"
  • पोशम्पा खेल में: "पोशम्पा भई पोशम्पा, डाकुओं ने क्या किया? सौ रुपये की घड़ी चुराई, अब तो जेल में जाना पड़ेगा!"
(Note for students: You can write any rhyme you remember from your own childhood games.)
✅ Model Answer

भोलानाथ और उसके साथियों के खेल और हमारी खेल सामग्री में ज़मीन-आसमान का अंतर है।

भोलानाथ के खेल और सामग्रीहमारे खेल और सामग्री
सामग्री: वे प्रकृति और घर में मौजूद चीज़ों का इस्तेमाल करते थे, जैसे- मिट्टी, पत्थर, लकड़ी, पत्ते, घड़े के टुकड़े आदि।सामग्री: हम बाज़ार से खरीदे गए आधुनिक खिलौनों का इस्तेमाल करते हैं, जैसे- वीडियो गेम, रिमोट कंट्रोल कार, बैट-बॉल, स्मार्टफोन, कंप्यूटर।
खेल: उनके खेल रचनात्मक और शारीरिक श्रम वाले होते थे, जैसे- घर बनाना, खेती करना, बारात निकालना।खेल: हमारे खेल ज़्यादातर इनडोर और टेक्नोलॉजी पर आधारित होते हैं। शारीरिक मेहनत वाले खेल कम हो गए हैं।
परिवेश: वे खुले मैदानों, खेतों और गलियों में खेलते थे।परिवेश: हम ज़्यादातर घरों के अंदर, पार्क या सोसाइटी के प्ले-ग्राउंड में खेलते हैं।
निर्भरता: उनके खेल कल्पना और रचनात्मकता पर निर्भर थे।निर्भरता: हमारे खेल बिजली और टेक्नोलॉजी पर अधिक निर्भर हैं।

इस प्रकार, भोलानाथ का बचपन प्रकृति के करीब और सादगी से भरा था, जबकि आज का बचपन टेक्नोलॉजी और आधुनिकता से घिरा हुआ है।

✅ Model Answer

इस पाठ में कई ऐसे प्रसंग हैं जो दिल को छू लेते हैं। मेरे लिए कुछ सबसे मार्मिक प्रसंग हैं:

  1. माँ का खाना खिलाना: जब भोलानाथ का पेट भर जाता था, तब भी उसकी माँ उसे तोता, मैना, कबूतर के नाम पर और खिलाने की जिद करती थी। यह एक माँ की ममता को दिखाता है कि उसका बच्चा भूखा न रह जाए।
  2. पिता का कुश्ती लड़ना: भोलानाथ के पिता का उसके साथ बच्चे बनकर कुश्ती लड़ना और फिर जान-बूझकर हार जाना बहुत प्यारा प्रसंग है। यह पिता-पुत्र के बीच दोस्ती भरे रिश्ते को दर्शाता है।
  3. विपदा में माँ की शरण: जब साँप से डरकर भोलानाथ घर भागता है और पिता के बुलाने पर भी रुककर सीधा माँ की गोद में जा छिपता है, तो यह दृश्य बहुत भावुक है। माँ का उसे डर से काँपता देख रो पड़ना और हल्दी लगाना, यह दिखाता है कि माँ की ममता का कोई मुकाबला नहीं है। यह प्रसंग पाठ का सार है।

🚀Extra Important Questions (Board Exam 2026-27)

📌 Multiple Choice Questions (MCQs)
Difficulty: Easy
Q1. 'माता का आँचल' पाठ में लेखक का वास्तविक नाम क्या था?
✅ उत्तर: (ख) तारकेश्वरनाथ
Difficulty: Easy
Q2. भोलानाथ के पिता उसे किस चीज़ का तिलक लगाते थे?
✅ उत्तर: (ग) भभूत का
Difficulty: Medium
Q3. बच्चे किस व्यक्ति को देखकर "बूढ़वा बेईमान माँगे करेला का चोखा!" कहकर चिढ़ाते थे?
✅ उत्तर: (क) मूसन तिवारी को
📌 Short Answer Questions
✅ Model Answer

इस पंक्ति का आशय है कि जहाँ लड़कों का समूह इकट्ठा हो जाता है, वहाँ हमेशा हँसी-मजाक, खेल-कूद और शोर-शराबा होता है। 'मृदंग बजने' का मतलब है कि माहौल संगीतमय और उल्लास से भर जाता है। यह बच्चों की चंचलता और ऊर्जा को दर्शाता है।

✅ Model Answer

भोलानाथ और उसके साथी बारात का खेल बड़े मज़े से खेलते थे। वे कनस्तर का तंबूरा बजाते, टूटी चूहेदानी की पालकी बनाते और खुद समधी बनकर बकरे पर चढ़ जाते थे। यह जुलूस एक घर के चबूतरे से चलकर दूसरे चबूतरे तक जाता था। यह खेल उनकी कल्पनाशीलता और ग्रामीण जीवन के प्रति उनके अवलोकन को दिखाता है।

✅ Model Answer

माँ भोलानाथ के घावों पर पिसी हुई हल्दी लगाती है। हल्दी एक प्राकृतिक एंटीसेप्टिक (रोगाणुरोधक) होती है जो घाव को भरने और संक्रमण को रोकने में मदद करती है। माँ का तुरंत हल्दी लगाना उसकी चिंता और बच्चे की देखभाल के प्रति उसकी सजगता को दर्शाता है।

📌 Long Answer Questions
✅ Model Answer

'माता का आँचल' शीर्षक इस पाठ के लिए पूरी तरह से सार्थक और उपयुक्त है। यह शीर्षक कहानी के केंद्रीय भाव को प्रकट करता है। 'आँचल' केवल कपड़े का टुकड़ा नहीं, बल्कि माँ की ममता, सुरक्षा और स्नेह का प्रतीक है।

  • सार्थकता: पूरा पाठ भोलानाथ के बचपन की घटनाओं का वर्णन करता है, जहाँ वह ज़्यादातर समय अपने पिता के साथ बिताता है। लेकिन कहानी के अंत में, जब वह असली संकट (साँप का डर) का सामना करता है, तो उसे केवल अपनी माँ का आँचल ही शांति और सुरक्षा प्रदान करता है। यही घटना इस शीर्षक को सही साबित करती है कि बच्चे के लिए माँ की ममता का स्थान सर्वोच्च है।
  • अन्य शीर्षक: इस कहानी के लिए कुछ अन्य शीर्षक भी हो सकते हैं, जैसे:
    • मेरा भोला बचपन
    • पिता का संग, माँ की ममता
    • भोलानाथ का बचपन

फिर भी, 'माता का आँचल' सबसे भावपूर्ण और गहरा शीर्षक है क्योंकि यह कहानी के मूल संदेश को दर्शाता है।

✅ Model Answer

बच्चे की मनोदशा और माँ से रिश्ता:

  1. भावनात्मक सुरक्षा की खोज: इस घटना से पता चलता है कि गहरे डर और पीड़ा के समय बच्चा तार्किक रूप से नहीं सोचता, बल्कि भावनात्मक सुरक्षा खोजता है। भोलानाथ के लिए उसके पिता एक दोस्त और खेल के साथी थे, लेकिन उसकी माँ भावनात्मक सुरक्षा का केंद्र थी।
  2. नैसर्गिक जुड़ाव: यह दिखाता है कि बच्चे का माँ के साथ रिश्ता गर्भ से ही जुड़ा एक नैसर्गिक और अवचेतन जुड़ाव है। माँ की गोद उसे दुनिया की सबसे सुरक्षित जगह लगती है।

आज का संदर्भ:

आज के दौर में परिस्थितियाँ बदल गई हैं। एकल परिवारों और कामकाजी माता-पिता के कारण बच्चों का भावनात्मक जुड़ाव प्रभावित हुआ है। कई बच्चे अपना ज़्यादातर समय डे-केयर, स्कूल या गैजेट्स के साथ बिताते हैं। हालाँकि, इसका मतलब यह नहीं है कि भावनात्मक जुड़ाव खत्म हो गया है। संकट के समय आज भी ज़्यादातर बच्चे अपने माता-पिता, खासकर माँ, को ही याद करते हैं। प्यार का स्वरूप बदल सकता है, लेकिन माता-पिता और बच्चे के बीच का मूल भावनात्मक बंधन आज भी उतना ही मज़बूत है।

Common Mistakes to Avoid

01
🔄
Only Summarizing, Not Analyzing
छात्र अक्सर कहानी का सार लिख देते हैं, लेकिन प्रश्न में पूछे गए गहरे अर्थ (जैसे माँ और पिता के स्नेह में अंतर) का विश्लेषण नहीं करते।
02
🔍
Ignoring the Title's Significance
'माता का आँचल' शीर्षक का महत्व समझने में गलती करते हैं। यह केवल एक नाम नहीं, बल्कि कहानी का केंद्रीय भाव है।
03
👥
Mixing up Characters/Events
कभी-कभी छात्र मूसन तिवारी वाले प्रसंग को किसी और घटना के साथ मिला देते हैं। कहानी के क्रम को ध्यान से पढ़ें।
04
💬
Writing in Modern Hindi
पाठ की भाषा आंचलिक (regional) है। उत्तर लिखते समय बहुत आधुनिक शब्दों का प्रयोग करने से बचें और पाठ के भाव को बनाए रखें।

📚Exam Preparation Tips for 2026-27

01
📖
Read the Chapter Twice
पहली बार कहानी का आनंद लेने के लिए पढ़ें, और दूसरी बार महत्वपूर्ण घटनाओं, पात्रों और संवादों को रेखांकित करने के लिए पढ़ें।
02
🧡
Understand the Core Theme
माँ की ममता और पिता के स्नेह के बीच के अंतर को अच्छी तरह समझें। यही इस पाठ का मुख्य बिंदु है।
03
✏️
Practice Writing
लंबे उत्तर वाले प्रश्नों (Long Answer Questions) को लिखकर अभ्यास करें। इससे आपकी गति और लिखने की शैली में सुधार होगा।
04
📍
Focus on the Climax
कहानी का अंतिम भाग, जहाँ भोलानाथ साँप से डरकर माँ के पास जाता है, सबसे महत्वपूर्ण है। इससे जुड़े प्रश्न आने की संभावना सबसे ज़्यादा होती है।

🅾Frequently Asked Questions (FAQs)

What is the main message of 'Mata ka Aanchal' Class 10?
The main message is that while a father's companionship is important, a mother's love provides the ultimate sense of security and comfort, especially in times of distress. A mother's lap ('aanchal') is the safest haven for a child.
Who was Bholanath and why was he called that?
Bholanath was the childhood name of the author, Shivpujan Sahay, whose real name in the story is Tarkeshwarnath. His father lovingly called him 'Bholanath' because of his innocent nature and because he would often put 'bhabhut' (sacred ash) on his forehead, making him look like a follower of Lord Shiva (Bhola Nath).
How is the depiction of childhood in 'Mata ka Aanchal' different from today's childhood?
The childhood in 'Mata ka Aanchal' was simple, spent outdoors with nature, and full of imaginative games using natural materials. Today's childhood is more structured, technology-driven, and often confined indoors with gadgets like smartphones and video games.
Why is this chapter important for the CBSE Board Exam 2026-27?
This chapter is important because it deals with universal themes of love and childhood, and questions from it often test a student's ability to analyze emotions and characters. It carries a weightage of around 3-4 marks from the Kritika section.

Master 'माता का आँचल' 🌻

'माता का आँचल' एक दिल को छू लेने वाली कहानी है जो हमें बचपन की मासूमियत और माँ के निस्वार्थ प्रेम की याद दिलाती है। हमें उम्मीद है कि इस विस्तृत लेख से आपको यह अध्याय समझने में मदद मिली होगी।

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